एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर कोरिया ने आज गुरुवार को समुद्र की ओर कम से कम एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों की सेनाओं का कहना है कि वह जाहिर तौर पर अपनी हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाना चाहता है और यह सिलसिला उसके सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण करने के बाद ही पूरा होगा।
हालांकि दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने तत्काल यह नहीं बताया कि प्रक्षेपण किसका किया गया या उसने कितनी दूर तक उड़ान भरी। दूसरी ओर, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने संभवत: बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। माना जा रहा है कि यह इस साल उत्तर कोरिया का 12वां प्रक्षेपण था। पिछले रविवार को भी उत्तर कोरिया ने समुद्र में संदिग्ध गोले दागे थे।
शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में जुटा उत्तर कोरिया : रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहा है और ठप पड़ी परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता के बीच अमेरिका पर रियायतें देने के लिए इसके जरिए दबाव डालना चाहता है। उत्तर कोरिया ने हाल के हफ्तों में अपने राजधानी क्षेत्र के पास से दो मध्यम-दूरी के परीक्षण किए हैं। अमेरिका तथा दक्षिण कोरियाई सेनाओं ने बाद में बताया था कि इसमें उत्तर कोरिया के सबसे बड़े आईसीबीएम अर्थात अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र (ह्वासोंग-17) के घटक शामिल थे।
उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे : पिछले रविवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे। दक्षिण कोरिया की सेना ने इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे कुछ दिन पहले उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण भी किया था जो नाकाम साबित हुआ था और जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं। वह देश अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाते हुए लंबी दूरी की अपनी बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने की कोशिश कर सकता है।