एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच लगातार 23वें दिन भी जंग जारी है। दोनों में से कोई देश एक-दूसरे के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है। यूक्रेन ने साफ कहा है कि शांति समझौते के लिए हम ईयू की सदस्यता का अभियान रोकने की शर्त स्वीकार नहीं करेंगे। उधर, संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि यूक्रेन में अब तक कम से कम 816 नागरिकों की जान जा चुकी है। बाइडन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन संकट को लेकर बात की है। वहीं, इस संकट पर यूएनएससी की बैठक में बायोलॉजिकल वेपन के मुद्दे पर अमेरिका और रूस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
पोप फ्रांसिस ने की रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध की निंदा : पोप फ्रांसिस ने रूस-यूक्रेन युद्ध में शक्ति के दुरुपयोग की निंदा की है। उन्होंने यूक्रेनियों की मदद के लिए आह्वान करते हुए कहा कि इन लोगों की पहचान, इतिहास और परंपरा पर हमला हुआ है जिसे वो बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यूएनएससी में भारत ने जताई यूक्रेन में हालात पर चिंता : भारत ने यूएनएससी में कहा कि हम बायोलॉजिकल एंड टॉक्सिन वेपन्स कन्वेंशन (बीटीडब्ल्यूसी) को एक प्रमुख वैश्विक और गैर भेदभावपूर्ण निरस्त्रीकरण कन्वेंशन के रूप में बहुत महत्व देते हैं। यह सार्वजनिक विनाश के हथियारों की एक पूरी श्रेणी पर प्रतिबंध लगाता है। भारत ने कहा कि हम यूक्रेन में बिगड़ते हालात को लेकर चिंतित हैं और रूस व यूक्रेन के बीच कूटनीतिक वार्ता के हालिया दौर का स्वागत करते हैं।
व्लादिमीर पुतिन ने रूस की एकजुटता को सराहा : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को लुझ्निकी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए यूक्रेन में अपने विशेष सैन्य अभियान के दौरान देश की एकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश ने इस तरह की एकता बहुत लंबे समय से नहीं देखी थी। क्रीमिया पर कब्जे की आठवीं वर्षगांठ पर उनके संबोधन का प्रसारण रूस के सरकारी टीवी पर भी हुआ लेकिन अचानक इस प्रसारण को रोक दिया गया।