एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और के बीच युद्ध का 22वां दिन शुरू हो चुका है। सख्त प्रतिबंधों के बावजूद रूस के यूक्रेन पर हमले तेज तेज होते जा रहे हैं। यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने थियेटर के अंदर शरण लिए यूक्रेनी नागरिकों पर बम बरसाए और इस एयरस्ट्राइक में कई लोग मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। यूक्रेन का दावा है कि थियेटर में 1000 लोग थे, जो एयरस्ट्राइक के बाद मलबे में दब गए हैं। रूस की गोलाबारी के बीच कीव के निवासी घरों में बंद हैं और शहर में बृहस्पतिवार सुबह तक कर्फ्यू लगा हुआ है।
जंग का यह मामला इंटरनेशनल कोर्ट आॅफ जस्टिस (कउख) भी पहुंच गया है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के तमाम अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद यूक्रेन पर रूस के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
यूक्रेन में कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा है कि रूस द्वारा की जा रही गोलाबारी से शहर के पड़ोस में स्थित पोडिल में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह स्थान सिटी सेंटर के उत्तर में स्थित है और तथाकथित सरकारी भवन से ढाई किलोमीटर दूर है जहां राष्ट्रपति भवन, कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित हैं। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक रूस की सेना ने मारियूपोल शहर के पास एक थियेटर पर अचानक एयस्ट्राइक की। जंग के बीच इस थियेटर के अंदर सैकड़ों यूक्रेनी नागरिक शरण लेकर रह रहे थे। इस हमले में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हुए, लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है। बुधवार को रूस को यूक्रेन में तुरंत युद्ध रोकने का आदेश दिया है। कोर्ट ने रूस समर्थित देशों से इस मामले में दूरी बनाए रखने के लिए कहा है। कउख ने कहा है कि इस मसले पर कोर्ट जो भी फैसला करेगा, वो सभी पक्षों के लिए बाध्य होगा। रूस के सामने यूक्रेन के सैनिकों के हथियार न डालने की तारीफ भी की। कोर्ट ने कहा कि रूसी आक्रमण पर यूक्रेन के लोग, सैनिक और राष्ट्रपति जेलेंस्की का बराबर से मुकाबला करना तारीफ के काबिल है।