एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों में थोड़ी बढ़ती हुई रफ्तार देखने को मिली है। लेकिन अभी तक लोगों और सरकारों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि वायरस के बार-बार नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं, जिसने कोविड को खत्म करने की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। ऐसा ही एक नया वैरिएंट इजरायल में सामने आया है। इजरायल में बुधवार को कोविड-19 के नए वेरिएंट के दो केस सामने आए हैं। ऐसे में अभी दुनिया को ये समझ नहीं आ रहा है कि इस नए वैरिएंट को लेकर किस तरह से रिस्पांस करना है। इस वैरिएंट का पता ऐसा समय पर चला है, जब चीन में तेजी से कोविड मामले बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि SARS-CoV-2 यानी कोरोनावायरस के सबसे घातक और तेजी से फैलने वाले वैरिएंट ओमिक्रॉन का पता पिछले साल दक्षिण अफ्रीका में चला था। इसके बाद ये वैरिएंट तेजी से दुनिया के अलग-अलग देशों में पहुंच गया और इस वैरिएंट के चलते कई देशों में कोविड मामलों में इजाफा देखने को मिला। दूसरी ओर, इससे पहले डेल्टा वेरिएंट ने भी दुनियाभर में केस बढ़ाने का काम किया था। ऐसे में हर बार सामने आ रहे वैरिएंट चिंता का सबब है। वहीं, ऐसे में आइए इजरायल में सामने आए वेरिएंट के बारे में जाना जाए कि ये कितना खतरनाक है और इसके लक्षण क्या हैं?
क्या है नया वेरिएंट : नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन के दो सब-वेरिएंट्स से जुड़ा हुआ है। इन दो सब वेरिएंट्स को BA.1 और BA.2 के नाम से जाना जाता है।ननए वेरिएंट से पॉजिटिव पाए गए दो लोग इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्री थे। अभी तक नए वैरिएंट का कोई नाम नहीं दिया गया है।
क्या है नए वैरिएंट के लक्षण : मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशी डिस्ट्रोफी के हल्के लक्षण देखने को मिले हैं। उन्हें किसी तरह की विशेष मेडिकल मदद की जरूरत नहीं है। दोनों संक्रमित मरीज किशोर हैं।
कहां से आया है नया वैरिएंट : इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी तक वेरिएंट के ऑरिजन को लेकर जवाब देने के लिए अपनी रिसर्च को पूरा नहीं किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक नैशमैन ऐश ने कहा कि वेरिएंट का ऑरिजन इजरायल में ही हुआ हो सकता है। हो सकता है कि ये दोनों ही किशोर फ्लाइट में सवार होने से पहले ही संक्रमित हुए हों।
कितना चिंताजनक है नया वेरिएंट? इजरालयी हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्वाइंट स्ट्रेन का होना आम बात है। ऐसा तब होता है, जब एक ही सेल में दो वायरस होते हैं। जब वे बढ़ने लगते हैं, तो वे जेनेटिक मटैरियल का आदान-प्रदान करते हैं। इसकी वजह से एक नया वायरस बनता है। फिलहाल, इसे ही नए वेरिएंट की वजह बताई गई है।