एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन और ब्रिटेन में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। चीन ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जहां अपने कई शहरों में लॉकडाउन लगा दिया है तो वहीं ब्रिटेन में बीते 7 दिन में कोरोना संक्रमण मामलों में 77 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। दुनियाभर के देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के नए डेल्टाक्रॉन वेरिएंट पर नजर रखने और इसके कारण होने वाले प्रभाव पर नजर बनाए रखने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इंटरनेशनल ट्रेवल प्वॉइंट्स यानी हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर एक बार फिर जांच और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। दुनियाभर के कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में कोरोना संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग करने को कहा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या देंश में कोरोना का काई नया वैरिएंट आया है या नहीं। बता दें कि चीन और यूरोप के कई देशों में कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टाक्रॉन के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
ब्रिटेन के डेली डैशबोर्ड डेटा से पता चला है कि ब्रिटेन में 109,802 और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे एक सप्ताह में 77.4 फीसदी की छलांग दर्ज की गई है। हालांकि, इस आंकड़ों में स्कॉटलैंड के चार दिनों के संक्रमण के आंकड़े भी शामिल हैं, जहां लगातार मामले बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्व अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट खसरा जितना ही संक्रामक है। इसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों में सप्ताह-दर-सप्ताह 12.7% की वृद्धि देखने को मिली है, लेकिन डेली वायरस से होने वाली मौतें 5.7% गिरकर 200 तक रह गई हैं। मामलों में वृद्धि BA.2 के रूप में दर्ज की गई है, जो अब ब्रिटेन में अधिकांश कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है।
डेल्टाक्रॉन सबसे पहले सांस की नली को प्रभावित करता है : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है, BA.2 वेरिएंट जिस मुख्स वायरस से विकसित हुआ है, यह उसके बराबर ही खतरनाक है। विशेषज्ञ इससे पहले भी इस वायरस से अलर्ट रहने की सलाह दे चुके हैं। यह ओमिक्रॉन से विकसित हुआ है। डेल्टाक्रॉन सबसे पहले सांस की नली को प्रभावित करता है।