एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा स्टील लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि वह रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच रूसी आपूर्तिकर्ताओं और बैंकों के साथ अनिश्चितता का सामना कर रही है और कोयले के आयात के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रही है। यूक्रेन पर रूस के हमले के साथ अमेरिका और यूरोप ने रूस पर तेल गैस और कोयले से जुड़े प्रतिबंध लगा दिये हैं। इसके साथ ही कई विदेशी कंपनियों से रूस के साथ कारोबार रोक दिया है। वहीं कार्गो शिप पर इंश्योरंस कवर न मिलने से शिप ऑपरेटर रूस के बंदरगाहों से दूरी बना रहे हैं। इन कदमों से रूस से आपूर्ति पर काफी बुरा असर पड़ा है। हालांकि इसी वजह से कंपनियों के लिये नए मौके में मिल रहे हैं।
रूस यूक्रेन संकट ने बदले समीकरण : टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद के भू-राजनीतिक हालात ने यूरोप में इस्पात निर्यात के नए अवसर भी खोले हैं। उनके मुताबिक इस संघर्ष के चलते रूस और यूक्रेन की आपूर्ति बाधित होने से यूरोप में 4.5 करोड़ टन इस्पात की कमी हो गई है, जिससे दुनिया भर की अन्य कंपनियों के लिये नये मौके बन गए हैं। हालांकि रूस से आपूर्ति घटने का नकारात्मक असर भी पड़ रहा है। नरेंद्रन ने सीआईआई पूर्वी क्षेत्र की वार्षिक बैठक के मौके पर कहा कि टाटा स्टील कोयले के आयात के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश करेगी। इस समय रूसी आपूर्तिकर्ताओं और बैंकरों को लेकर काफी अनिश्चितता है। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील अपनी कोयला जरूरतों का 10-15 फीसदी रूस से खरीदती है। उन्होंने कहा कि कंपनी के यूरोपीय परिचालन के लिए उत्तरी अमेरिका से अधिक कोयला खरीदना होगा। नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील बेहतर मार्जिन के लिए दक्षिणी यूरोप को अधिक निर्यात करने पर जोर देगी। उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन-रूस संघर्ष अगले कुछ महीनों तक जारी रहता है, तो लागत में वृद्धि सभी को प्रभावित करेगी।