एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन पर रूसी हमले का आज 16वां दिन है। इतना लंबा समय हो जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। रूस की ओर से यूक्रेन के कई शहरों पर हमले जारी हैं। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि पिछले दो दिनों में यूक्रेन से करीब एक लाख लोगों को बाहर निकाला गया है। वहीं फेसबुक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रूसी आक्रमण व पुतिन के खिलाफ खुलकर बोलने की अनुमति दे दी है। रूस ने यूक्रेन में वैक्यूम बम के इस्तेमाल की पुष्टि की है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से ट्वीट किया गया है। इसमें कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन में TOS-1A हथियार प्रणाली को तैनात किया था। यह हथियार प्रणाली वैक्यूम बमों का इस्तेमाल करती है। एक वैक्यूम बम हवा से ऑक्सीजन को सोख लेता है और मानव शरीर को वाष्पीकृत करने में सक्षम होता है।
यूक्रेन में फंसे 242 छात्र आए वापस : ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन में फंसे 242 और छात्र आज भारत वापस लौट आए। इन छात्रों को पोलैंड के रास्ते दिल्ली लाया गया। इनमें से एक छात्र हरदीप ने बताया कि वह सूमी में फंसा था। वहां हर तरफ बमबारी हो रही थी, लेकिन भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हमारी बहुत मदद की। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहना चाहता हूं।
रूस से मोस्ट फेवरेट नेशन का स्टेटस वापस लेगा अमेरिका : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की कि अमेरिका-यूरोपीय संघ व जी-7 देश रूस से व्यापार में मोस्ट फेवरेड नेशन का स्टेटस भी वापस लेंगे। दरअसल, यूक्रेन पर आक्रमण के बाद अमेरिका व यूरोपीय संघ लगातार रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। रूस दुनिया का सबसे ज्यादा प्रतिबंधों वाला देश बन गया है।