एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस की सेना तेजी से यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला कर रही है। यह हमले का पांचवां दिन है। यूक्रेन की सेना डटकर रूस का सामना कर रही है लेकिन बताया जा रहा है कि उसके लिए यह बेहद मुश्किल दिन है। यूक्रेन की मदद के लिए यूरोपीय संघ ने हथियार भेजना का फैसला किया। वहीं यूक्रेन के मुद्दे को लेकर ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई। 15 सदस्यों में से 11 ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसको लेकर चर्चा कराने का समर्थन किया है। वहीं यूक्रेन का दावा है कि उसने 4300 से ज्यादा रूसी सैनिकों को मार गिराया है और 200 से ज्यादा को युद्धबंदी बनाया गया है। रूस ने रविवार को घोषणा की कि उसका एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए बेलारूस रवाना हो गया है, जिसके कुछ घंटे बाद यूक्रेन की ओर से यह प्रतिक्रिया आई है। यूक्रेन के अधिकारियों ने पहले इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वार्ता बेलारूस के बजाय कहीं और होनी चाहिए क्योंकि रूस ने बेलारूस में भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर रखा है। रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेन्कोव ने रविवार को कहा, हमारे कुछ सैनिकों की जान गई है और कुछ घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों और घायलों की संख्या का खुलासा नहीं किया। मेजर जनरल कोनाशेन्कोव ने कहा कि यूक्रेन के सैनिकों के मुकाबले रूस कोकाफी कम नुकसान हुआ है। वहीं, यूक्रेन का दावा है कि उसने रूस के साढ़े तीन हजार सैनिक मार गिराए। कोनाशेन्कोव ने यह भी कहा कि बृहस्पतिवार को हमला शुरू होने से लेकर अब तक रूस की सेना ने यूकेन के 1,067 सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है, जिनमें 17 कमान पोस्ट और संपर्क केंद्र, 38 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली और 56 रडार प्रणाली शामिल हैं। कोनाशेन्कोव और यूक्रेन के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।