एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव में हमले तेज कर दिए हैं। कीव में जबरदस्त जंग चल रही है और रूसी जवान कीव पर नियत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच यूक्रेन की मदद के लिए यूरोप के दूसरे देशों ने भी सैन्य साजो सामान भेजा है। अब ताजा खबर है कि रूस ने भी यूक्रेन से वार्ता के लिए दिलचस्पी दिखाई है और इसके लिए रूसी अधिकारी बेलारूस पहुंच गए हैं। यह जानकारी क्रेमलिन ने दी। बता दें कि शनिवार को ही रूसी समाचार एजेंसी ने बताया था कि यूक्रेन रूस से वार्ता के लिए राजी हो गया है। वार्ता के दौर शुरू की खबर आते ही दुनिया भर के लोगों को तीसरे विश्व युद्ध की आहट टलने की उम्मीद नजर आने लगी है। हालांकि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने वर्चुअल भाषण में अपनी शर्त रखते हुए कहा कि वो रूस के साथ बातचीत करने को तैयार है, लेकिन पड़ोसी देश बेलारूस में नहीं क्योंकि इसका इस्तेमाल आक्रमण के लिए लॉन्चपैड के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए वारसा, बुडापेस्ट, इस्तांबुल, बाकू का सुझाव दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए रूस का एक प्रतिनिधिमंडल बेलारूस पहुंचा है। उनके मुताबिक रूसी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रपति प्रशासन सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के साथ ये वार्ता गोमेल में होगी। स्पूतनिक की खबर के मुताबिक बेलारूसी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि मिन्स्क ने गोमेल में रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता के लिए आवश्यक सभी चीजें तैयार कर ली है। बता दें कि शनिवार को ये खबर सामने आई थी कि यूक्रेन रूस से बातचीत के लिए राजी हो गया है लेकिन वो ये बातचीत वर्सा में करना चाहता है जबकि रूस इस वार्ता को बेलारूस के मिन्स्क में करना चाहता था। काफी असमंजस के बाद यूक्रेन भी इस वार्ता के लिए राजी हो गया है। बता दें कि रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद रूस की तरफ से यूक्रेन पर चौतरफा हमला किया गया है। इसमें यूक्रेन को भारी क्षति भी उठानी पड़ी है साथ ही रूस को भी नुकसान हुआ है। इस बीच अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं।