एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर शुक्रवार को हमला शुरू दिया। सरकारी इमारतों के निकट गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें गूंज रही थीं। रूस की इस कार्रवाई से यूरोप में व्यापक युद्ध की आशंका पैदा हो गई है। वहीं उसे रोकने के लिए दुनियाभर में प्रयास भी शुरू हो गए हैं। वहीं युद्ध से सैकड़ों लोगों के हताहत होने की सूचनाओं के बीच कीव में इमारतों, पुलों और स्कूलों के सामने भी गोलीबारी और विस्फोटों की घटनाएं हुई हैं। इससे इस बात के भी संकेत बढ़ रहे हैं कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन यूक्रेन की मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रहे हैं। दुनिया के नक्शे में बदलाव करने और रूस के शीतयुद्ध कालीन प्रभाव को बहाल करने के लिए यह पुतिन का अभी तक का सबसे बड़ा कदम है। हालांकि इस युद्ध में अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन का कितना हिस्सा अब भी उसके कब्जे में है और कितने हिस्से पर रूस का नियंत्रण हो गया है। इस बीच क्रेमलिन ने बातचीत करने की कीव की पेशकश स्वीकार कर ली है। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के प्रति नरमी दिखाते हुए किया जा रहा है, न कि मामले का कूटनीतिक हल निकालने के लिए। इसपर पश्चिमी देशों के नेताओं ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ऐसे हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है क्योंकि उन्हें आशंका है कि रूस लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई उनकी सरकार को बेदखल कर सकता है। यूक्रेन में बड़े पैमाने पर लोग हताहत हो सकते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। रूसी सेना ने कहा कि उसने कीव के बाहर एक रणनीतिक हवाई अड्डे और पश्चिम में एक शहर पर नियंत्रण कर लिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने यूक्रेन की ओर कम से कम 137 लोगों की मौत की सूचना दी और सैकड़ों रूसी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। रूसी अधिकारियों ने हताहतों का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है। फिलहाल मृतक संख्या को सत्यापित करना संभव नहीं हो सका है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि 25 नागरिकों की मौत हुई है जिनमें से ज्यादातर की मौत गोलाबारी और हवाई हमलों में हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि एक लाख लोगों ने अपने घर छोड़े हैं। आशंका है कि युद्ध बढ़ने पर यह संख्या 40 लाख तक पहुंच सकती है।