एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सैनिकों द्वारा गुरुवार को यूक्रेन पर हमले के बाद दोनों तरफ से जानमाल के नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां यूक्रेन का कहना है कि हमने अब तक 50 रूसी सैनिकों को मार गिराया है और उनके 6 विमान नष्ट कर दिए हैं, तो वहीं दूसरी ओर, हमले में अब तक यूक्रेन के 40 जवानों और 10 नागरिकों की मौत हो गई है। रूस के इस हमले को लेकर कई देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा और कड़ी आलोचना कर रहे हैं। हालांकि इस महायुद्ध में रूस को चीन और ईरान का साथ मिला है। बता दें कि चीन ने पूर्वी यूरोपीय देश यूक्रेन में रूस के हमलों को आक्रमण कहने से इनकार कर दिया। यही नहीं उसने इसके बजाय संकट को और खराब करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की जमकर आलोचना की। रूस के निकट सहयोगी चीन ने यूक्रेन मुद्दे से जुड़े सभी पक्षों से संयम बरतने तथा और तनाव बढ़ाने वाला कोई भी कदम उठाने से परहेज करने की अपील की। चीन ने इस सवाल को दरकिनार कर दिया कि क्या गुरुवार तड़के यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला एक आक्रमण था। इसके जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि इस मामले की जड़ें ऐतिहासिक एवं वर्तमान परिदृश्य में समाई हुई हैं।