एबीएन सेंट्रल डेस्क। लगभग एक माह से रूस की सेनाएं अमेरिका-यूरोप की धमकियों को दरकिनार करते हुए युद्धाभ्यास कर रही है और यूक्रेन के दो प्रांतों में घुस गईं। यहां तक कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के दो प्रांतों को आजाद देश घोषित कर चुके हैं। रूस की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका की टेंशन भी बढ़ गई है। अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाने का ऐलान किया है। बाइडेन ने साफ तौर पर कह दिया है कि वो नाटो की इंच-इंच जमीन की रक्षा करेंगे। रूस के यूक्रेन पर "अनुचित, अकारण, अस्वीकार्य" आक्रमण के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों में से आठ पर प्रतिबंधों की घोषणा की। यूक्रेन के पूर्व में क्रेमलिन समर्थित स्टेटलेट्स में सैनिकों को आदेश देने के पुतिन के फैसले की आलोचना करते हुए, प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रतिबंधों की घोषणा की है।
• न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि यूक्रेन को लेकर रूस और अमेरिका की तनातनी के बीच रूसी सेना के सैकड़ों ट्रक का काफिला यूक्रेन बॉर्डर की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया है। यह काफिला रूसी शहर बेलगोरोद से होते हुए यूक्रेन बॉर्डर की नजदीक जा रहा है। वहीं हंगरी ने भी घोषणा की है कि वो यूक्रेन से लगी बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती करेगा।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को स्वतंत्र क्षेत्र के तौर पर मान्यता देने के बाद उन्होंने जिनेवा में अपने रूसी समकक्ष के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी है। ब्लिंकन ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि रूस की कार्रवाई दर्शाती है कि वह मौजूदा संकट के समाधान के वास्ते कूटनीतिक रास्ता अपनाने को लेकर गंभीर नहीं है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार रात घोषणा की कि रूस के आक्रमण करने की आशंका के चलते वह देश के कुछ आरक्षित सैनिकों को तैनाती के लिए बुला रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूर्ण सैन्य लामबंदी की अभी कोई आवश्यकता नहीं है। यूक्रेन के सशस्त्र बलों में लगभग 250,000 सैनिक हैं और कुछ 140,000 सैनिकों को रिज़र्व (तैनाती के लिए तैयार) में रखा गया हैं।
• यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि छोटे बड़े हमले जैसा कुछ नहीं होता है। हमला सिर्फ हमला है। हम प्लान A के तहत हर तरह के डिप्लोमैटिक टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद प्लान B में अपने हर शहर, हर गांव और एक एक इंच जमीन के लिए तब तक लड़ेंगे, जब तक जीत नहीं जाते।
उधर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के यूक्रेन में सेना भेजने के आदेश की तारीफ करते हुए उन्हें जीनियस बताया है। एक रेडियो प्रोग्राम में बोलते हुए ट्रम्प ने कहा, कल मैंने पूरा घटनाक्रम टीवी पर देखा, तभी मैंने कहा यह तो जीनियस है। मैंने कहा पुतिन कितने चालाक हैं, यह लोग यूक्रेन के अंदर जाएंगे और शांति स्थापित करने वाली सबसे मजबूत शांति सेना बन जाएंगे।
वहीं, व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा- अभी डिप्लोमैटिक रास्ते खुले हैं, हम कभी भी डिप्लोमैटिक दरवाजे को पूरी तरह बंद नहीं करेंगे, लेकिन कूटनीति तब तक सफल नहीं हो सकती है जब तक रूस अपने तरीके नहीं बदलता।