एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले महीने दिवालिया घोषित कनाडा के 3 मांट्रियल कालेजों के बंद होने के बाद 2000 से अधिक भारतीय छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। सीसीएसक्यू कॉलेज, एम कॉलेज और सीडीई कॉलेज ने बंद होने से पहले इन छात्रों से ट्यूशन फीस में लाखों डालर एकत्र किए थे। इन छात्रों में से कई दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए अलग-अलग शहरों में चले गए हैं। उनका कहना है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। वे कालेजों के खिलाफ रैलियां कर रहे हैं। पंजाब के लौंगोवाल की एक छात्रा मनप्रीत कौर ने कहा कि उसने एम कॉलेज में सालाना 14,000 डालर से अधिक की फीस जमा की थी और जनवरी में चाइल्डहुड एजुकेशन में अपनी कक्षाएं शुरू करने की प्रतीक्षा कर रही थी तो कालेज को दिवालिया घोषित कर दिया। करनाल के मैडीकल छात्र विशाल राणा ने कहा कि मेरे 16 महीने के कोर्स में सिर्फ 4 महीने बचे थे तो कालेज ने पढ़ाई बंद कर दी। मुझे नहीं पता कि अब कहां जाना है। राणा ने फीस के रूप में 24,000 डालर का भुगतान किया था। हरियाणा के पिहोवा से बिजनैस मैनेजमैंट कोर्स करने आए हरविंद्र सिंह ने कहा कि मैंने इस कोर्स के लिए 21,500 डालर जमा किए हैं और मैंने अपने कोर्स के केवल 6 महीने पूरे किए हैं। मैं कुछ पैसों पर जीवित हूं जो मैंने काम करके बचाए हैं। मोगा के एक छात्र गुरकमलदीप सिंह ने कहा कि वह जून तक एम कॉलेज से अपना बिजनैस मैनेजमैंट कोर्स पूरा कर लेता, लेकिन बीच में कोर्स छूट गया।