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यूक्रेन संकट : अपनी कुछ सैन्य टुकड़ियों को पीछे हटायेगा रूस

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यूक्रेन संकट : अपनी कुछ सैन्य टुकड़ियों को पीछे हटायेगा रूस
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने मंगलवार को कहा कि सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहीं कुछ सैन्य टुकड़ियां अपने सैन्य अड्डे के लिए लौटने लगी हैं। हालांकि, रूस ने वापसी का ब्योरा नहीं दिया है। इससे यह उम्मीद जगी है कि शायद रूस की योजना यूक्रेन पर हमला करने की न हो। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने जिन सैन्य टुकड़ियों के लौटने की बात कही है, वे कहां से लौट रही हैं और उनकी संख्या कितनी है। यह ऐलान रूसी विदेश मंत्री के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने संकेत दिए थे कि उनका देश उन सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर बातचीत जारी रखने के लिए राजी है, जिसने यूक्रेन संकट को जन्म दिया। तनाव पैदा होने के हफ्तों बाद रूस के रुख में यह परिवर्तन दिखा। हालांकि, अब भी पश्चिमी देशों के अधिकारी यह चेतावनी देना जारी रखे हुए हैं कि रूस किसी भी क्षण यूक्रेन पर हमला कर सकता है और वह सैन्य साजो सामान सीमा की ओर ले जा रहा है। कुछ तो बुधवार को संभावित हमले का दिन बता रहे हैं। इस बीच, ब्रसेल्स में नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, अभी तक हमने जमीन पर कोई तनाव नहीं देखा है, ना ही हमें यूक्रेन की सीमा पर रूसी सैनिकों की उपस्थिति में कोई कमी दिखी है। इस ऐलान के बाद विश्व बाजार समेत रूसी मुद्रा रूबल के भाव में उछाल देखने को मिला है। हालांकि, यूक्रेन के नेता रूस की इस घोषणा पर संदेह जता रहे हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा, रूस लगातार कई तरह के बयान दे रहा है। यही वजह है कि हमने नियम बनाया है कि हम सुनी हुई बातों पर विश्वास नहीं करेंगे। हम देखने के बाद विश्वास करेंगे। पश्चिमी देश रूस को "अंतहीन वार्ता" में फंसा सकते हैं- पुतिन यूक्रेन के विदेश मंत्री ने अपने इतालवी समकक्ष की मेजबानी करके बातचीत की। दरअसल, मास्को गारंटी चाहता है कि नाटो, यूक्रेन और पूर्व सोवियत संघ के अन्य देशों को अपना सदस्य नहीं बनाएगा। वह यह भी चाहता है कि नाटो के सदस्य देश यूक्रेन में हथियारों की तैनाती पर रोक लगाएं और पश्चिमी यूरोप से अपने सैनिक वापस लें। पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश रूस को "अंतहीन वार्ता" में फंसा सकते हैं। पुतिन ने सवाल किया कि क्या अभी भी समझौते पर पहुंचने का अवसर है। लावरोव ने कहा कि उनका मंत्रालय अमेरिका और उसके सहयोगियों को रूस के मुख्य अनुरोधों को दरकिनार करने की अनुमति नहीं देगा। उधर, व्हाइट हाउस की प्रमुख उप प्रेस सचिव कारीन जीन-पियरे ने कहा, अगर रूस सकारात्मक रूप से बातचीत का विकल्प चुनता है तो कूटनीति का रास्ता उपलब्ध रहेगा।
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