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ताइवान जलडमरूमध्य शांति के महत्व पर अमेरिका-दक्षिण कोरिया और जापान ने दिया जोर

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ताइवान जलडमरूमध्य शांति के महत्व पर अमेरिका-दक्षिण कोरिया और जापान ने दिया जोर
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने साल के प्रारंभ से ही मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर चुके परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया से उत्पन्न खतरों व ताइवान के हालोत पर चर्चा करने के लिए हवाई में शनिवार को जापान एवं दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने जापानी विदेश मंत्री हयाशी योशिमासा और दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग से ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। ब्लिंकन, योशिमासा और यूई-योंग ने त्रिपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण महत्व की पुष्टि की और कहा कि हम 21 वीं सदी की सबसे अधिक दबाव वाली चुनौतियों का समाधान करना चाहते हैं। ब्लिंकन और विदेश मंत्रियों ने जोर दिया कि उनके तीन देश एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के बारे में एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं, जो समावेशी है, और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए साझा सम्मान है। विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका की नई जारी इंडो-पैसिफिक रणनीति का स्वागत किया। इस बीच, हालांकि तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि उनका उत्तर कोरिया के प्रति कोई शत्रुतापूर्ण भाव नहीं है और वे बिना किसी पूर्व शर्त के उसके साथ बैठक के लिए तैयार है। ब्लिंकन ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उत्तर कोरिया भड़काने में लगा है तथा तीनों ही देशों ने हाल के उसके मिसाइल परीक्षणों की निंदा की। जापान के अपने समकक्ष योशीमारसा हयाशी और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्ष चुंग इयू-यंग के साथ भेंटवार्ता के बाद उन्होंने कहा, हम अपनी पहल और अपने संकल्प में बिल्कुल एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि तीनों ही देश उत्तर कोरिया के संदर्भ में अगले कदमों को लेकर एक-दूसरे से घनिष्ठ संवाद में जुटे हैं लेकिन उन्होंने उसके बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा।
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