एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ने बिना पायलट के उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। ब्लैक हॉक की यह आॅटोनोमस उड़ान 5 फरवरी को केंटकी में आर्मी के फोर्ट कैंपबेल में लगभग 30 मिनट तक आयोजित की गई। इस टेस्ट फ्लाइट के लिए एक अत्याधुनिक सिस्टम सूट का इस्तेमाल किया गया। इस सिस्टम सूट को मुख्य रूप से हेलीकॉप्टर पायलटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। अमेरिकी वायु सेना की डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी ने सिकोरस्की के सहयोग से वऌ-60अ ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर यह प्रयोग किया गया।अमेरिका के केंटुकी शहर में इस एक्सपेरिमेंट फ्लाइट की तैयार की गई थी। कम्प्यूटर सिमुलेशन द्वारा एक ऐसा आभासी शहर तैयार किया गया था जिसमें इमारतें थी और अन्य रूकावट थे। ब्लैक हॉक का उद्देश्य था कि वह इन रूकावटों से बचकर सफलतापूर्वक अपने उड़ान को पूरा करे। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर ने बनाई गई इमेजनरी (काल्पनिक) इमारतों से बच निकलने में भी कामयाबी हासिल की। ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ने टेस्ट के सभी मानक पूरे करके सफल लैंडिंग की। रक्षा सेक्टर में अमेरिका को मिली इस बड़ी सफलता से चीन और रूस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताते चलें कि अमेरिका के ये ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन तेज रफ्तार हेलीकॉप्टर्स को रडार से इंटरसेप्ट कर पाना काफी मुश्किल है।