एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे के 170 से अधिक वर्षों के इतिहास में 17 जुलाई, 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। इस दिन हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का शुभारंभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यह केवल एक नयी रेल सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा, अत्याधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता के नए युग का आगाज है। इस कार्यक्रम का प्रदेश के सभी 21 जिलों में लाइव प्रसारण होगा। इसके लिए भाजपा और हरियाणा सरकार ने जिला स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम तय किये हैं।
हर जिले में मंत्री, सांसद या वरिष्ठ नेताओं को मुख्य अतिथि बनाया गया है। सबसे अहम बात यह है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ आए 5 बागी विधायकों को भी इन कार्यक्रमों में मंच पर जगह दी गयी है। इसे भाजपा की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक विकास अभियान की शुरूआत करेंगे। देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही वे तीनों क्षेत्रों में कुल 26,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
इनमें हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,600 करोड़ रुपये और पंजाब को 5,470 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। यह दौरा हरित परिवहन, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे नेटवर्क और शिक्षा अवसंरचना को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री सबसे पहले जींद पहुंचेंगे, जहां सुबह करीब 11 बजे जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखायेंगे। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जायेगा, जहां हाइड्रोजन तकनीक से ट्रेन संचालन शुरू हो चुका है।
जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री हरियाणा में 12,470 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
मुख्य परियोजनाओं में शामिल हैं—
157.92 किलोमीटर लंबा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज-1 से 5), जिसकी लागत लगभग 9,680 करोड़ रुपये है। इसके शुरू होने से दिल्ली से कटरा की यात्रा लगभग 14 घंटे से घटकर 6 घंटे और दिल्ली से अमृतसर की यात्रा 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जायेगी।
33.81 किलोमीटर लंबा अंबाला-कालाअंब फोरलेन हाईवे, जिससे हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
40.60 किलोमीटर लंबा जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाईवे, जिसके चालू होने पर दोनों शहरों के बीच सफर लगभग 2 घंटे से घटकर 40 मिनट रह जायेगा। इससे रोहतक, पानीपत और दिल्ली-एनसीआर तक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
24.27 किलोमीटर लंबे हांसी-बरवाला हाईवे के उन्नयन कार्य का भी शिलान्यास किया जायेगा।
प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक राष्ट्र को समर्पित करेंगे तथा उमरी में सिख संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा पंडित नेकीराम शर्मा सरकारी मेडिकल कॉलेज, भिवानी का उद्घाटन। महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, कोरियावास (नारनौल) का लोकार्पण। इन परियोजनाओं से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
पीजीआई चंडीगढ़ में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, न्यूरोसाइंस की सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे
चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री लगभग 6,600 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।
पीजीआईएमईआर का 300 बेड वाला एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर, जहां उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, नवजात और बच्चों के लिए आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर, जहां न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर और अत्याधुनिक जांच सेवाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। 150 बेड के अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज तथा सरकारी कॉलेज सेक्टर-46 के छात्रावासों का उद्घाटन और पीईसी में रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल का शिलान्यास। आईटी सिटी-कुराली छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन तथा जीरकपुर ग्रीनफील्ड बाईपास और अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला।
चंडीगढ़ के बाद प्रधानमंत्री जालंधर पहुंचेंगे, जहां रेलवे और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 20 राज्यों के 75 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप विकसित किया गया है।
दौलतपुर चौक-करटोली रेल लाइन शुरू होने से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे श्री आनंदपुर साहिब और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रियों की पहुंच अधिक आसान होगी। वहीं नयी सड़क परियोजनाएं लुधियाना, बठिंडा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन को तेज करेंगी तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नयी गति देंगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse