ट्रंप का नया चौंकाने वाला ऐलान: अमेरिका-ईरान समझौता बेहद करीब, दोनों देश मिलकर करेंगे काम... यूरेनियम संवर्धन मुद्दा भी हल
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीति तेजी से आगे बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और एक व्यापक समझौता अब करीब है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका अब ईरान के साथ मिलकर काम करेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान में प्रोडक्टिव रेजीम चेंज हुआ है, जिससे सहयोग का नया रास्ता खुला है। उन्होंने सबसे बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा। यह मुद्दा लंबे समय से दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद रहा है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान मिलकर उन परमाणु अवशेषों को हटायेंगे, जो पहले हमलों के दौरान जमीन के अंदर दब गये थे।
उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति की निगरानी यूनाईटेड स्टेट्स सैटेलाइट फोर्स के सैटेलाइट सिस्टम के जरिए की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमलों के बाद से परमाणु स्थलों को छेड़ा नहीं गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।साथ ही ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर भी बातचीत चल रही है और उनके 15-सूत्रीय प्रस्ताव के कई बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है।
सीजफायर और होर्मुज पर समझौता
इस बीच अमेरिका और ईरान ने दो हफ्तों के लिए सभी सैन्य हमले रोकने पर सहमति जताई है। यह अस्थायी युद्धविराम मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि ईरान ने स्ट्रेट आॅफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई का प्रमुख रास्ता है, और इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार को राहत मिली है।
ईरान का रुख और आगे की चुनौती
हालांकि, ईरान ने इस पूरे समझौते को अपनी जीत बताया है। तेहरान का कहना है कि वह अपनी शर्तों पर बातचीत कर रहा है और यह युद्धविराम युद्ध के अंत की गारंटी नहीं है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम बातचीत प्रस्तावित है, जहां आगे के समाधान पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह सीजफायर सिर्फ अस्थायी राहत है। कई बड़े मुद्दे खासतौर पर परमाणु कार्यक्रम अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं।