अमेरिका का नया ऐलान- ईरान पीछे नहीं हटा तो अगली कार्रवाई और बड़ी होगी
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और अब इसमें अमेरिका की सीधी सैन्य भागीदारी ने हालात और खतरनाक बना दिये हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के 3 प्रमुख परमाणु केंद्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई को शक्तिशाली और संदेश देने वाली स्ट्राइक बताया जा रहा है।
ईरान को अमेरिकी हमले के बाद दूसरा बड़ा झटका, हिजबुल्लाह ने छोड़ा साथ
- ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद इजराइल-ईरान युद्ध के क्षेत्र में फैलने की आशंका के मद्देनजर रविवार को विभिन्न देशों ने कूटनीतिक समाधान तलाशने और संयम बरतने की अपील की।
- अमेरिका ने बी 2 बॉम्बर्स और जीबीयू 57 बंकर बस्टर बमों से हमला कर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेलने का दावा किया।
- राष्ट्रपति ट्रंप बोले: अब शांति तभी संभव है जब ताकत दिखायी जाये।
- पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा : ट्रंप और अमेरिका ने पूरी ताकत से सही समय पर हमला किया है। ये पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी था।
- इजराइल ने पहले ही इस्फहान में सेंट्रीफ्यूज साइट पर 2 बार हमला कर दिया था।
- ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची बोले: हमलावरों को उनके अपराध के लिए जवाबदेह ठहराया जायेगा।
- ईरान ने यूएन सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की, अमेरिका के कदम को पूर्व नियोजित आक्रामकता बताया।
- जंग से ईरान में अब तक 657 मौतें, जिनमें 263 आम नागरिक शामिल हैं। 2000 से ज्यादा घायल।
- इजराइल में 24 नागरिक मारे गये, सैकड़ों घायल। उत्तरी इलाकों में मिसाइल और ड्रोन गिरे।
- रानी टॉप कमांडर सईद इजादी, बेहनाम शाहरियारी और ड्रोन फोर्स प्रमुख मारे गये।
वैश्विक असर और प्रतिक्रियाएं
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले : डिप्लोमेसी ही एकमात्र रास्ता है।
- रूस, चीन, तुर्की, कतर और क्यूबा ने अमेरिकी हमले की आलोचना की।
- अरब लीग और ओआईसी की बैठकें जारी, मुस्लिम देश ईरान के साथ खड़े।
ग्लोबल इकोनॉमी पर असर
- तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, कच्चा तेल $110 प्रति बैरल तक पहुंचा।
- गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेजी। ग्लोबल शेयर बाजारों में गिरावट।
- भारत, यूके, जर्मनी, कनाडा ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।
अगला कदम
- अमेरिका की ओर से कहा गया है कि यदि ईरान पीछे नहीं हटा तो अगली कार्रवाई और बड़ी होगी।
- ट्रंप सरकार अगले 72 घंटों में ईरान के खिलाफ नौसैनिक और साइबर आपरेशन शुरू कर सकती है।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि अब से हर हमला सीधा युद्ध माना जायेगा।