एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद ट्रंप ने कहा कि "अब समय है कि ईरान युद्ध की राह छोड़कर शांति का रास्ता अपनाए।" ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सफल सैन्य हमलों के बाद देशवासियों को संबोधित करते हुए ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले 40 वर्षों से दुनिया को धमकाता आ रहा था, लेकिन अब वक्त आ गया है कि वह शांति का रास्ता अपनाए।
ट्रंप ने अपने भाषण में खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में सबसे कठिन और संवेदनशील टारगेट को निशाना बनाया और यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने बताया कि हमलों में फोर्डो, नतांज और एस्फाहान जैसे प्रमुख परमाणु संवर्धन ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। हमारा उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को खत्म करना था, और हम इसमें सफल हुए हैं। ये ठिकाने अब दुनिया के लिए खतरा नहीं हैं, ट्रंप ने कहा।
दुनिया की कोई सेना ऐसा नहीं कर सकती अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए ट्रंप ने कहा, दुनिया में कोई दूसरी सेना नहीं है जो इतनी सटीकता और ताकत से ऐसी कार्रवाई कर सके। उन्होंने इस ऑपरेशन को शानदार सैन्य सफलता बताया और इसे अमेरिकी सेना की क्षमता का प्रमाण बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश दुनिया में आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक बन चुका था और उसके परमाणु कार्यक्रम से वैश्विक शांति को गंभीर खतरा था। उन्होंने हमारे लोगों को मारा है, उनके हाथ-पैर उड़ाए हैं। कासिम सुलेमानी ने कई निर्दोषों की जान ली थी। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि अब यह नहीं चलेगा, ट्रंप ने भावुक होकर कहा।