ट्रंप के ऐलान से हिल जायेगी बाकी दुनिया, भारत के पास पहले से रेडी है बैटल प्लान
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान करने वाले हैं। वाइट हाउस ने इसे लिबरेशन डे करार दिया है। ट्रंप इस नीति की घोषणा अमेरिकी समयानुसार 16:00 ईएसटी (भारतीय समयानुसार 2:30 एएम) पर करेंगे। ट्रंप का दावा है कि टैरिफ अनफेयर ट्रेड को रोकने के लिए जरूरी है।
इस फैसले से अमेरिकी उद्योगों को फायदा हो सकता है, खासकर स्ट्रीमिंग कंपनियों और जैम बनाने वालों को। हालांकि, यह साफ नहीं है कि ट्रंप सभी देशों पर समान टैरिफ लगायेंगे या चुनिंदा देशों को टारगेट करेंगे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 20% तक हो सकता है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ बढ़ने से अमेरिका और दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है। यह एक बड़े ट्रेड वॉर को जन्म दे सकता है। हालांकि, वेटरन इन्वेस्टर प्रशांत जैन का कहना है कि भारत पर इन टैरिफ का सीधा असर नहीं होगा। हालांकि, कुछ सेक्टर्स और स्टॉक्स प्रभावित हो सकते हैं। ट्रंप के टैरिफ ऐलान से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ।
ट्रंप के ऐलान से पहले जान लीजिए बड़ी बातें
ट्रंप कह चुके हैं कि टैरिफ रेसिप्रोकल/पारस्परिक होंगे। इसका मतलब है कि देशों पर वही शुल्क लगाया जाएगा जो वे अमेरिका पर लगाते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि टैरिफ का प्रभाव किस देश पर पड़ेगा, या क्या वे सभी के लिए समान होंगे? लेकिन, एक बात स्पष्ट है कि अमेरिका में प्रवेश करने वाली कारों पर 25% का नया आयात कर 3 अप्रैल से लागू हो जायेगा और अगले कुछ महीनों में कार के पुर्जों पर भी यही टैक्स लगेगा।
कुछ टैरिफ पहले ही लागू किए जा चुके हैं। मार्च में अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी स्टील और एल्युमीनियम पर फ्लैट ड्यूटी को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया। ट्रंप ने पहले ही चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 20% कर दिया।
कनाडा और मैक्सिको से आने वाली कुछ वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया। कनाडा ने टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी स्टील और एल्युमीनियम पर 25% शुल्क लगाया, जबकि चीन ने भी कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 10-15% टैक्स लगाया।