एबीएन डेस्क। कोरोना वायरस का नया वेरियंट भारत समेत दुनिया भर के देशों में तेजी से पैर पसर रहा है। ब्रिटेन, अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों में संक्रमण के मामले बढ़ने से लोग खौफजदा हैं। इस बीच जहां अपने एक बड़ी आबादी वाले शहर में लॉकडाऊन लगा दिया है वहीं आॅस्ट्रेलिया ने पाबंदियां लगाने की बात खारिज कर दी है। चीन ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बाद 1.3 करोड़ लोगों की आबादी वाले उत्तरी शहर शिआन में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है। शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी से कुछ हफ्ते पहले देश में संक्रमण के मामले बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। चीन में कोविड-19 के कुल 100,644 मामले सामने आए हैं और संक्रमण से 4636 लोगों की मौत हुई है। चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि शहर के अधिकारियों ने सभी निवासियों को घर पर रहने का आदेश दिया है, जब तक कि उनका घर से बाहर निकलना जरूरी न हो और विशेष मामलों के अलावा शहर से आने-जाने वाले परिवहन के सभी साधनों को बंद कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक घर के एक व्यक्ति को हर दो दिन में घरेलू जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी। आदेश बुधवार की मध्यरात्रि से प्रभावी हुआ। इसे कब हटाया जाएगा,इस पर कुछ नहीं कहा गया है। शियान शांक्सी प्रांत की राजधानी है, यहां बृहस्पतिवार को संक्रमण के स्थानीय प्रसार के 63 मामले सामने आए,जिसके बाद शहर में संक्रमण के मामले बढ़कर 211 हो गए हैं। चीन में शंघाई के पास झेजियांग प्रांत के कई शहरों में भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं, हालांकि वहां पाबंदियां बहुत कम हैं। बीजिंग ने शीतकालीन ओलंपिक खेलों की चार फरवरी से शुरूआत से पहले हाल के दिनों में रोकथाम संबंधी उपायों को और बढ़ाया है। आॅस्ट्रेलिया में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाने या मास्क पहनना अनिवार्य करने जैसी पाबंदियां लगाने की बात खारिज कर दी है। आॅस्ट्रेलिया में बुधवार को सर्वाधिक 5,715 नए मामले न्यू साउथ वेल्स में सामने आए और संक्रमण से एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई। न्यू साउथ वेल्स में 347 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और 45 मरीज आईसीयू में हैं, जबकि एक दिन पहले अस्पताल में 302 मरीज भर्ती थे। विक्टोरिया राज्य में भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं। यहां बृहस्पतिवार को संक्रमण के 2,005 नए मामले सामने आए और 10 लोगों की संक्रमण से मौत हुई।