म्यांमार की सेना ने दक्षिण-पूर्वी केरन प्रांत में रविवार को जातीय सशस्त्र समूह पर हवाई हमले किए। इसके बाद करीब 3000 ग्रामीण थाईलैंड भाग गए हैं। इस क्षेत्र पर इन लोगों ने कब्जा जमा रखा था। एक एक्टीविस्ट समूह व स्थानीय मीडिया ने हवाई हमले और ग्रामीणों के थाईलैंड भागने की जानकारी दी।निवार को 114 मौतों के बाद भी प्रदर्शनकारियों का नहीं टूटा हौसला
म्यांमार में सेना द्वारा तख्तापलट के खिलाफ और लोकतंत्र की वापसी की मांग को लेकर रविवार को भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे रहे। शनिवार को सेना ने कई शहरों में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिसमें 114 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला नहीं टूटा।
मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे भी
शनिवार पिछले महीने हुए तख्तापलट के बाद सबसे अधिक रक्तपात वाला दिन रहा। ऑनलाइन समाचार वेबसाइट ‘म्यांमा नाउ’ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शनिवार को सेना की कार्रवाई में 114 लोग मारे गए। मृतकों में कई लोगों की आयु 16 साल से कम थी। इससे पहले 14 मार्च को सेना की कार्रवाई में 74 से 90 लोगों की मौत हुई थी।
अब तक 420 लोगों की मौत
तख्तापलट के बाद से 420 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। करीब पांच दशक के सैन्य शासन के बाद लोकतांत्रिक की दिशा में हुई प्रगति पर इस सैन्य तख्तापलट ने विपरीत असर डाला है। प्रदर्शनकारियों पर यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब म्यांमा की सेना ने देश की राजधानी नेपीता में परेड के साथ वार्षिक सशस्त्र बल दिवस का अवकाश मनाया