टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में मंगलमय मंगलवार षटशिला एकादशी पर आनलाइन विश्व स्तरीय गायत्री परिवार व्रत-उपवास जप-अनुष्ठान समूह प्रतिनिधित्व में सुबह 4 बजे से अगले बुधवार सुबह 4 बजे तक गृहे गृहे अपने आवासीय तपोवन में गायत्री महामंत्र का अखंड जप-अनुष्ठान शुरू हुआ है।
मंडल प्रतिनिधि ने सभी इकाइयों से अनुरोध किया है कि इस दैवीय योजना में घर बैठे बैठे सहयोग करें व राष्ट्र के नवनिर्माण, सभी के लिए सद्बुद्धि, सद्विचार संवर्धन, मंगलमय वातावरण और उज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करने तथा आगामी मुम्बई अश्वमेध यज्ञ के अभूतपूर्व सफलता भाव के साथ सभी अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य देने का प्रयास करें।
इस अवसर पर विधिवत श्रीलक्ष्मीनारायण भगवान सहित सर्व देवपूजन का पूजा-पाठ, नमन-वंदन व षोडशोपचार पूजन व स्वस्तिवाचन कर सर्वत्र परिष्कृत वातावरण विस्तार भाव से प्रार्थना में साधक-शिष्य व भाई-बहन गण शामिल हुए। साथ ही आनलाइन स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधि ने साधक- शिष्य भाई-बहनों ने अपनी कैटेगरी पुस्तक स्वाध्याय के सारांश पाठ में न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते विषय पर संवाद किया।
साथ ही प्रज्ञागीत गायन मंडल ने प्रज्ञागीत गायन में गीत प्रभु की याद में युग युग तक याद रहोगे गुरुवर भगवन और दूसरे गीत में युग ऋषि का अपरिग्रह विषय पर युगपुरुष, युगऋषि, युग तपस्वी! जिंदगी भर तप किया, पीड़ा सहे, बीज सा गलते रहे और लोक हित में अथक चलते रहे पर युग गायन किया। संध्याकालीन बेला में गुरु वंदना सहित सर्वत्र परिष्कृत जीवन और पावन वातावरण सृजन हेतु संध्या वंदन किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।