एबीएन डेस्क। कोविड-19 महामारी फैलने के तकरीबन दो साल बाद दुनिया बीते दिनों सामने आए वायरस के नए स्वरूपों से दहशत में है और संभवत: अधिक खतरनाक एक और नए स्वरूप से जूझती नजर आ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक समिति ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप को ओमीक्रॉन नाम दिया है और इसे बेहद संक्रामक चिंताजनक स्वरूप करार दिया है। इससे पहले इस श्रेणी में कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप था जिससे यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में लोगों ने बड़े पैमाने पर जान गंवाई।
अमेरिका ने 7 देशों पर लगाया ट्रैवल बैन : दक्षिणी अफ्रीका में कोरोना वायरस का नया स्वरूप सामने आने के बाद अमेरिका, कनाडा, रूस और कई अन्य देशों के साथ यूरोपीय संघ ने उस क्षेत्र से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका सोमवार से दक्षिण अफ्रीका और क्षेत्र में सात अन्य देशों से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाएगा। बाइडन ने कहा कि इसका मतलब है कि देश लौट रहे अमेरिकी नागरिकों और स्थायी निवासियों के अलावा इन देशों से न कोई आएगा और न ही कोई वहां जाएगा। यह पूछे जाने पर कि अमेरिका ने सोमवार तक का इंतजार क्यों किया, इस पर बाइडन ने कहा, केवल इसलिए कि मेरे चिकित्सा दल ने यही सिफारिश की है।
संक्रमित हो चुके हो चुके लोगों पर फिर संक्रमण का खतरा : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नए स्वरूप के बारे में कहा, ऐसा लगता है कि यह तेजी से फैलता है। नई यात्रा पाबंदियों की घोषणा करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैंने फैसला किया है कि हम सतर्कता बरतेंगे। WHO ने कहा कि ओमीक्रॉन के वास्तविक खतरों को अभी समझा नहीं गया है लेकिन शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि अन्य अत्यधिक संक्रामक स्वरूपों के मुकाबले इससे फिर से संक्रमित होने का जोखिम अधिक है। इसका मतलब है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं और उससे उबर गए हैं, वे फिर से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, यह जानने में हफ्तों का वक्त लगेगा कि क्या मौजूदा टीके इसके खिलाफ कम प्रभावी हैं।
अमेरिका ने 7 देशों पर लगाया ट्रैवल बैन : दक्षिणी अफ्रीका में कोरोना वायरस का नया स्वरूप सामने आने के बाद अमेरिका, कनाडा, रूस और कई अन्य देशों के साथ यूरोपीय संघ ने उस क्षेत्र से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका सोमवार से दक्षिण अफ्रीका और क्षेत्र में सात अन्य देशों से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाएगा। बाइडन ने कहा कि इसका मतलब है कि देश लौट रहे अमेरिकी नागरिकों और स्थायी निवासियों के अलावा इन देशों से न कोई आएगा और न ही कोई वहां जाएगा। यह पूछे जाने पर कि अमेरिका ने सोमवार तक का इंतजार क्यों किया, इस पर बाइडन ने कहा, ‘‘केवल इसलिए कि मेरे चिकित्सा दल ने यही सिफारिश की है।'
संक्रमित हो चुके हो चुके लोगों पर फिर संक्रमण का खतरा : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नए स्वरूप के बारे में कहा, ऐसा लगता है कि यह तेजी से फैलता है। नई यात्रा पाबंदियों की घोषणा करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैंने फैसला किया है कि हम सतर्कता बरतेंगे। WHO ने कहा कि ओमीक्रॉन के वास्तविक खतरों को अभी समझा नहीं गया है लेकिन शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि अन्य अत्यधिक संक्रामक स्वरूपों के मुकाबले इससे फिर से संक्रमित होने का जोखिम अधिक है। इसका मतलब है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं और उससे उबर गए हैं, वे फिर से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, यह जानने में हफ्तों का वक्त लगेगा कि क्या मौजूदा टीके इसके खिलाफ कम प्रभावी हैं।