एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ने 0.29 फीसदी का ग्रोथ दर्ज किया है, जो शून्य से भी कम है। बावजूद इसके शहबाज सरकार का रक्षा पर ज्यादा खर्च करने का प्लान है। आम नागरिकों को दरकिनार कर दिया गया है और सेना पर ज्यादा फोकस है।
कहते हैं कि संकट में इंसान पाई-पाई भी सोच-समझकर खर्च करता है। पाकिस्तान में ये सेंस नहीं है। आर्थिक संकट के बीच भी नागरिकों पर खर्चने की बजाय वह रक्षा पर ज्यादा खर्च रहा है। पाकिस्तान की इकोनॉमी ने सिर्फ 0.29 फीसदी का ग्रोथ दर्ज की है।।नागरिकों की कमाई में 11 फीसदी की गिरावट है.ल पाकिस्तान की इकोनॉमी में सर्विस सेक्टर का 60 फीसदी सबसे बड़ा योगदान रहता है।
इस सेक्टर ने सिर्फ 0.8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है और तो और इसके लिए पूर्व पीएम इमरान खान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक संकट के बीच रक्षा बजट को 13 फीसदी बढ़ाया है। रक्षा पर खर्च करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने 1.8 ट्रिलियन रुपये आवंटित किये हैं। यह कुल जीडीपी का 1.7 फीसदी है। पिछले साल सरकार ने रक्षा बजट के तौर पर 1.57 ट्रिलियन रूपए आवंटित किये थे।
बाद में इसे 1.59 ट्रिलियन रुपये कर दिया गया था। यह पैसे अगले एक साल में अलग-अलग सेक्टर में खर्चे जायेंगे। हमेशा से यह ट्रेंड रहा है कि पाकिस्तान में सेना को सबसे ज्यादा पैसा दिया जाता है। मसलन, इस बार सेना के लिए 824 अरब रुपये का आवंटन हुआ है। वायु सेना को 368 अरब रुपए और नेवी को 188 अरब रुपए दिये गये हैं। हालिया बजट में आम नागरिकों को दरकिनार कर दिया गया है।
पूर्व सैनिकों के लिए पेंशन को भी इस संकट में बढ़ाया गया है। मसलन, पिछले साल 446 अरब रुपये की तुलना में अब पेंशन के लिए 563 अरब रुपए का आवंटन है, जो 26 फीसदी ज्यादा है।
रक्षा बजट का ब्रेक-अप देखें तो पता चला है कि रक्षा प्रशासन के लिए 5.4 अरब रुपये, कर्मचारियों से संबंधित खर्चों के लिए 705 अरब रुपये, परिचालन के लिए 442 अरब रुपये, भौतिक संपत्तियों के लिए 461 अरब रुपये और सिविल कार्यों के लिए 195 अरब रुपये आवंटित किये गये हैं।
पाकिस्तान की आर्थव्यवस्था का बंटाधार
पाकिस्तान की जीडीपी ने सिर्फ 0.29 फीसदी का ग्रोथ दर्ज की है. एग्रिकल्च सेक्टर ने इस संकट में भी 1.55 फीसदी की ग्रोथ देखी। वहीं इंडस्ट्रीज सेक्टर में 2.94 फीसदी की गिरावट है।
इस बीच सर्विस सेक्टर में जो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी का योगदान देता है, 0.86 फीसदी का ग्रोथ रहा। इंटरनेशनल मोनेट्री फंड ने पाकिस्तान की इकोनॉमी के 0.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था। इससे भी कम ग्रोथ रहा है। संख्या के हिसाब से पाकिस्तान की इकोनॉमी अभी 84,657 अरब रुपये की है, जो पिछले साल के मुकाबले 27 फीसदी बढ़ी है।