पाकिस्तान में नहीं थम रहा बवाल
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान में बवाल मचा है। इमरान खान के समर्थक सड़कों पर उतर आये हैं और विरोध-प्रदर्शन लगातार हिंसक होता जा रहा है। पाकिस्तान में इस समय हालात काफी बेकाबू हो गये हैं। इसी बीच सामाचार मिला है कि खान की पार्टी के दूसरे बड़े नेता शाह महमूद कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया है। शाह महमूद कुरैशी इमरान सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं।
बता दें, शाह महमूद कुरैशी और असद उमर लगातार इमरान खान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के महासचिव असद उमर को भी हिरासत में ले लिया गया है।
इस्लामाबाद पुलिस के मुताबिक पार्टी महासचिव उमर पार्टी अध्यक्ष इमरान खान की गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें राज्य की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में अरेस्ट कर लिया है।
पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने उमर की गिरफ्तारी के वीडियो साझा किए, जिसमें कई पुलिसकर्मी उसे घेरे हुए थे और एक पुलिस वैन की ओर उमर को घसीटते हुए ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीटीआई नेता एवं अधिवक्ता बाबर अवान ने दावा किया कि उमर की गिरफ्तारी गैर कानूनी ढंग से की गयी है उन्हें सिंध हाई कोर्ट द्वारा सुरक्षात्मक जमानत मंजूर की गयी थी।
इस्लामाबाद में आज मीडिया से बात करते हुए अधिवक्ता अवान ने कहा, एसएचसी ने उन्हें स्पष्ट रूप से सुरक्षात्मक जमानत मंजूर की थी और यहां तक कि अन्य मामलों में भी वह जमानत पर थे।
8 दिन की रिमांड पर भेजे गये इमरान खान
पाकिस्तान की एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आठ दिन के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की रिमांड में भेज दिया, जबकि यहां एक सत्र अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार के एक अलग मामले में आरोपित किया। ब्यूरो के आदेश पर मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के एक कक्ष में घुस कर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष को गिरफ्तार किया था।
बुधवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच खान (70) को यहां जवाबदेही अदालत संख्या-1 में उसी न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरयम को लंदन में संपत्ति रखने से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दिया था। मरयम को बाद में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में आरोपमुक्त कर दिया, जबकि शरीफ का मामला अब भी लंबित है।