- उपद्रवियों ने गिरफ्तारी के बाद पीएम का घर फूंका
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तार के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। गिरफ्तारी के बाद इमरान खान के समर्थक सड़कों पर उतर आये हैं और कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया है।
समर्थकों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय और लाहौर में कोर कमांडर के आवास पर धावा बोल दिया। खान की गिरफ्तारी के तुरंत बाद पूरे पाकिस्तान में अगले 30 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गयी है। स्कूल-कॉलेज को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। पूरे देश में मोबाइल इंटरनेट को सस्पेंड कर दिया गया है।
देशभर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी कल यानी मंगलवार को हुई। एक नजर अब तक के बड़े अपडेट्स पर डाल लेते हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीनियर अधिकारी पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस मामले में सेना और प्रधानमंत्री ने इमरान पर पलटवार भी किया था।
पाकिस्तान की आंतरिग मंत्री राणा सनाउल्लाह खान ने कहा है कि मामले में कई नोटिस जारी होने के बाद इमरान अदालत में पेश नहीं हुए। एनएबी ने उन्हें देश के खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके साथ कोई बदसलूकी नहीं की गयी है।
बुधवार सुबह-सुबह प्रदर्शकारियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के घर में आग लगा दी। पुलिस की गाड़ी फूंक दी। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। आज होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी गयी है। कई शहरों में इंटरनेट को स्लो कर दिया गया है।
पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के अनुसार लाहौर, पेशावर, कराची, गिलगित सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। वहीं, डॉन की खबर के मुताबिक, मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान इस्लामाबाद में 5 पुलिस अधिकारी घायल हो गये।
इमरान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई के महासचिव असद उमर ने ट्वीट कर कहा कि पार्टी के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति आगे की प्लानिंग तय करेगी कि क्या करना है और क्या नहीं।
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी की वैधता पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर गिरफ्तारी अवैध निकली तो इमरान को रिहा करना होगा।
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी के 15 मिनट के भीतर आंतरिक मंत्री सचिव और इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख को अदालत में पेश होने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट आइए और बताइए कि गिरफ्तारी क्यों और किस मामले में हुई।