- चीन ने बनाये सुपर काउ के 3 क्लोन, देती हैं 100 टन दूध, पैदा करेगा 1000 ऐसी और गायें
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन ने दावा किया है कि उसके वैज्ञानिकों ने सुपर काउ की सफलतापूर्वक क्लोनिंग करके 3 बछड़ों को जम्न देने में सफलता प्राप्त की है। सुपर काउ सामान्य गायों की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में दूध का उत्पादन कर सकती हैं।
चीनी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुपर गायों की बदौलत चीन दूध उत्पादन में दुनिया का अग्रणी देश बन सकेगा। वहां की सरकारी मीडिया में दावा किया गया है कि सुपर गायों की सफल क्लोनिंग के बाद चीन के डेयरी उद्योग को उन्नत नस्ल की गायों को विदेशों से आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चीनी वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 3 सुपर गायों का क्लोन बनाया है, जो असामान्य रूप से उच्च मात्रा में दूध का उत्पादन कर सकती हैं।
चीन की स्टेट मीडिया ने वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि को देश के डेयरी उद्योग के लिए क्रांतिकारी बताया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुपर गायों की सफल क्लोनिंग से आयातित नस्लों पर चीन की निर्भरता कम होगी।
नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फॉरेस्ट्री साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने सुपर काउ के 3 बछड़ों की सफल क्लोनिंग 23 जनवरी को लूनर न्यू ईयर से पहले के हफ्ते में किया। ये तीनों बछड़े होल्स्टीन फ्रेजियन नस्ल की गायों से क्लोन किये गये, जो नीदरलैंड में पायी जाने वाली नस्ल है। होल्स्टीन फ्रेजियन नस्ल वाली गायें अत्यधिक दुग्ध उत्पादक मानी जाती हैं।
इस नस्ल की एक गाय प्रति वर्ष 18 टन दूध या अपने जीवनकाल में 100 टन दूध का उत्पादन करने में सक्षम होती है। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, यह आंकड़ा यूएसए में 2021 में एक गाय से प्रतिदिन प्राप्त औसत दूध की मात्रा का लगभग 1.7 गुना है।
चीन की स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस प्रोजेक्ट के चीफ साइंटिस्ट जिन यापिंग के हवाले से सुपर गायों की सफल क्लोनिंग को एक बड़ी बताया। यह दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में चीन को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल कराने की दिशा में बड़ा कदम है। इस प्रोजेक्ट की सफलता चीन को गायों की बहुत अच्छी नस्ल को संरक्षित करने की अनुमति देता है, जो आर्थिक रूप से भी व्यवहार्य होगा।