एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को देश का बजट जारी कर दिया है, जिसमें उन्होंने देश की सामाजिक सुरक्षा जाल को विस्तार देने और अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए अमेरिका के अमीरों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है।
माना जा रहा है कि बाइडेन ने जो बजट पेश किया है, उसका मकसद आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रास्ता तैयार करना है। हालांकि, बजट को लेकर काफी सख्त रहे रिपब्लिकन नेता, बजट प्रस्ताव को लेकर थोड़ी नरमी दिखा रहे हैं और माना जा रहा है कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में बाइडेन का बजट पास कर दिया जायेगा, जहां रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 6.9 ट्रिलियन डॉलर का महाविशालकाय बजट पेश किया है, जिसमें अमीरों पर टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए उन्होंने उन्हें बजट दिखाया और उन्हें बताया कि वो किन कार्यक्रमों में कटौती करना चाहते हैं। बाइडेन के बजट में मेडिकेयर में सॉल्वेंसी बढ़ाने, कम इनकम वाले परिवारों के छात्रों के लिए नई योजनाएं, चाइल्ड केयर और फ्री कम्युनिटी कॉलेज को सब्सिडी देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
राष्ट्रपति बाइडेन ने वित्तवर्ष 2023-24 के लिए 6.9 ट्रिलियन डॉलर का बजट पेश किया है, जो पिछले बजट के मुकाबले 8 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, बाइडेन ने पिछले साल के मुकाबले देश के रक्षा बजट में इस वित्तवर्ष 3.2 प्रतिशत की वृद्धि की है। राष्ट्रपति बाइडेन के बजट में इस साल चाइल्ड केयर, मेडिकेयर और सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य खर्च में 3.2% की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।
राष्ट्रपति बाइडेन के बजट ने निगमों और सबसे धनी अमेरिकियों पर टैक्स को बढ़ाने के कई प्रस्तावों को पुनर्जीवित किया है। बजट में 10 सालों में लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर के नये टैक्स शामिल किये हैं। नये टैक्स प्रस्ताव का डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने स्वागत किया है, जिसमें अमेरिका के सबसे ज्यादा अमीरों पर भारी-भरकम टैक्स लगाया गया है, जिसे अरबपति टैक्स कहा गया है।
बजट में अमेरिका के 0.1 प्रतिशत सबसे ज्यादा अरबतियों को अब अपनी कमाई का कम से कम 25 प्रतिशत टैक्स के रूप में भुगतान करना होगा। पिछले साल के बजट में बाइडेन प्रशासन ने ऐसे अरबपतियों को 20 प्रतिशत टैक्स सीमा में रखा था, जिसे बढ़ाकर अब 25 प्रतिशत कर दिया गया है। बाइडेन के 182 पन्नों के बजट दस्तावेज में कहा गया है कि कभी भी किसी अरबपति को, किस स्कूल टीचर या किसी फायरमैन की तुलना में कम टैक्स का भुगतान नहीं करना चाहिए।