- सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, इस नियम में किया ये बदलाव
टीम एबीएन, रांची। सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना को लेकर हेमंत सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब से इस योजना का लाभ लेने के लिए बालिकाओं को जन्म प्रमाणपत्र देना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार ने ये फैसला इस वजह किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके।
हेमंत सरकार की गुरुवार को कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में ही इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गयी है। इसके अलावा इस बैठक में ये भी निर्णय लिया गया है कि विवाह योग्य निर्धारित न्यूनतम कानूनी आयु के पूर्व लाभुक का विवाह होने वो इस योजना का लाभ नहीं पायेंगी। वहीं माता-पिता की मौत के बाद बालिका के पालक माता-पिता या अभिभावक के संबंधित कागज ही मान्य होंगे।
इस हालात में माता-पिता का डेथ सर्टिफिकेट की एक प्रति को भी जमा करना होगा। इससे पहले बाल कल्याण समिति द्वारा जारी अनाथ बालिकाओं के लिए प्रमाणपत्र की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी था। इस शर्त को भी हटाने का फैसला किया गया है।
इस योजना में 8वीं और 9वीं की बालिकाओं को 2500-2500 हजार रुपये, दसवीं से 12वीं की बालिकाओं को 5000-5000 रुपये तथा 18-19 वर्ष की आयु की बालिका को एक साथ 20 हजार रुपये अनुदान देने का नियम है।