एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस द्वारा खालिस्तान के लिए बुलाए गए जनमत संग्रह के दौरान ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासी और खालिस्तान समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई। द एज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत समर्थक राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए फेडरेशन स्क्वायर, मेलबर्न में रेफरेंडम स्थल पर पहुंचे और नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन को शांत करने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल करने वाली विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि हंगामे के बीच 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया और जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा उनके उग्र व्यवहार के लिए उन्हें नोटिस भी दिया गया है। कई सिखों को हिरासत में लिया गया है।
ट्विटर पर पोस्ट किये गये कई वीडियो में खालिस्तान समर्थकों को दिन में भारतीयों पर लाठियों से हमला करते देखा गया। उन्हें भारतीय तिरंगे को छीनते और नुकसान पहुंचाते भी देखा गया था। वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट किया कि मैं ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी समर्थक द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता हूं। असामाजिक तत्व, जो इन गतिविधियों से देश की शांति और सद्भाव को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए और दोषियों को कठघरे में लाया जाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में 2 लोग घायल हुए हैं। एक के सिर में चोट लगी और दूसरे के हाथ में चोट आई। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय द्वारा पुलिस को पहले ही सूचित किये जाने के बावजूद यह हमला हुआ। मेलबर्न में फेडरेशन स्क्वायर पर नियोजित विरोध के बारे में द ऑस्ट्रेलिया टुडे को आस्ट्रेलिया में रह रही जालंधर की एक भयभीत युवती ने बताया कि जालंधर में रहने वाले मेरे माता-पिता ने मुझे बताया है कि ये खालिस्तानी बहुत खतरनाक हैं और हमला करने से नहीं हिचकेंगे।
भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया सरकार को देश में खालिस्तानी अलगाववादियों की भारत-विरोधी गतिविधियों और देश के विभिन्न हिस्सों में हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ पर रोक लगाने के लिए कह चुका है। कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने 26 जनवरी को जारी बयान में बेहद कड़े शब्दों में कहा है कि पछले कुछ समय से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और ऑस्ट्रेलिया से बाहर के अन्य संगठनों की शह और उकसावे पर ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थक तत्व अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं।