- सबूत के तौर पर हैकर ने दिया सलमान, नासा और डब्ल्यूएचओ का डेटा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के लगभग 40 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी हो गया है। यह डाटा एक हैकर्स ने चोरी किया है और डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। चोरी हुए डाटा में यूजर्स के नाम, ईमेल आईडी, फॉलोअर्स की संख्या और यूजर्स के फोन नंबर तक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डाटा लीक में भारतीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अकाउंट्स का डाटा भी शामिल है। बता दें कि इससे पहले ट्विटर के करीब 5.4 मिलियन यानी 54 लाख यूजर्स का निजी डाटा लीक हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने हाई प्रोफाइल लोगों के साथ सलमान खान, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, स्पेस एक्स और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) आदि अकाउंट्स का डाटा भी चोरी किया है। हैकर ने अपनी पोस्ट में लिखा ट्विटर या एलन मस्क जो भी ये पढ़ रहें हैं, आप पहले ही 5.4 करोड़ से अधिक यूजर्स के डेटा लीक होने पर जीडीपीआर के जुर्माने का रिस्क झेल हैं। ऐसे में आप अब 40 करोड़ यूजर्स के डेटा लीक होने के जुर्माने के बारे में सोचिये। इसके साथ ही हैकर ने डेटा को बेचने कोई भी डील दी है। उसने कहा कि वो किसी बिचौलिये के जरिए डील करने के लिए तैयार है।
इस बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये डेटा लीक एपीआई में आई कोई कमी की वजह से हो सकता है। हैकर ने बिचौलिये के जरिए चोरी किये गये डाटा को बेचने की पेशकश की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एपीआई में कोई कमी होने के कारण डाटा लीक हो सकता है। बता दें कि हाल ही में ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख योएल रोथ ने मस्क की लीडरशिप में ट्विटर को असुरक्षित बताया था और यूजर्स के डाटा पर भी खतरा बताया था।
उन्होंने कहा था कि सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। कंपनी ने अपने ज्यादातर कर्मचारियों का बर्खास्त कर दिया है, जिससे यूजर्स के डाटा पर भी खतरा बढ़ सकता है।
डेटा लीक का ये मामला पहला नहीं है। इससे पहले भी ट्विटर के 5.4 करोड़ यूजर का डेटा हैकर्स ने चोरी कर लिया था। जानकारी के मुताबिक, इस डेटा को इंटरनल बग के चलते चोरी किया गया था। फिलहाल, इस डेटा लीक की जांच चल रही है जिसकी घोषणा आयरलैंड के डेटा प्रोटेक्शन कमीशन (डीपीसी) ने की थी।
अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने ट्विटर के प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी के मैथड की जांच बढ़ा दी है। दरअसल, इस बात की आशंका पहले से ही थी कि ट्विटर अमेरिकी रेगुलेटर के साथ हुए एक समझौते का पालन करने में नाकाम हो सकता है जिसमें कंपनी ने अपने प्राइवेसी से जुड़े सिस्टम्स में सुधार करने की सहमति दी थी। प्राइवेसी में सुधार न होने की वजह से ही लोगों का डेटा हैकर्स चुरा रहे हैं।