एबीएन सेंट्रल डेस्क। केन्या में भयंकर सूखा पड़ गया है। 40 सालों में ऐसा पहली बार है जब केन्या में इतना भयानक सूखा पड़ा है। इसकी वजह से वन्यजीवों पर संकट आ गयी है। बताया जा रहा है कि सूखे का सबसे ज्यादा असर हाथियों और ज़ेबरा पर पड़ा है। सूखे की वजह से मरने वाले वन्यजीवों में बड़ी संख्या ज़ेबरा और फिर हाथियों की है। अबतक 1000 से ज्यादा वन्यजीवों की मौत हो गई है और इसमें 381 सिर्फ ज़ेबरा शामिल हैं। वन्यजीवों में मरने वालों में दूसरी बड़ी संख्या हाथियों की है और बताया गया है कि अबतक 205 हाथियों की मौत हो गयी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मरने वाले अन्य वन्य जीवों में 49 ग्रेवी ज़ेबरा और 51 भैंस शामिल हैं। केन्याई स्टेट एजेंसियों द्वारा किए गए सर्वे में जानकारी दी गई है कि इतनी बड़ी संख्या में जानवरों की मौत पानी की कमी की वजह से हुई है। टूरिज्म, वाइल्डलाइफ और हेरिटेज मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक मांसाहारी जानवर आमतौर पर सूखे से कम प्रभावित होते हैं। हालांकि, मांसाहारी जानवर सूखे के बाद शिकार की कम आबादी की वजह से ज्यादा प्रभावित होते हैं। उन्हें शिकार नहीं मिलने की वजह से अंत में उनकी भूख की वजह से मौत हो जाती है।
केन्या के इन क्षेत्रों में हाथियों की 65% आबादी : बताया गया है कि अंबोसेली, सावो और लाईकिपिया-सांबुरु क्षेत्रों में हाथियों की 65 फीसदी आबादी रहती है, जो सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में हाथियों की मौत सबसे ज्यादा हुई है। केन्याई टूरिज्म मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिन बीतने के साथ-साथ सूखे की स्थिति और भी बदतर होती जा रही है, जो कि फरवरी और अक्टूबर 2022 के बीच वन्यजीवों की मृत्यु दर में बढ़ोतरी का सबूत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा प्रभावित इकोसिस्टम को अर्जेंट तौर पर पानी की जरूरत है।