एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद उनके ताज में लगे कोहिनूर हीरे की भारत वापसी की मांग जोर पकड़े हुए है। 108 कैरेट का यह बेशकीमती हीरा पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह के बेटे महाराजा दलीप सिंह ने 1849 में महारानी विक्टोरिया को भेंट किया था। 1937 में महारानी ने इसे अपने ताज में जड़वा लिया था। उत्तराधिकारी के नाते बाद में यह मुकुट एलिजाबेथ द्वितीय ने पहना था।
सितंबर में महारानी एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद कोहिनूर को वापस भारत लाने की मांग लगातार हो रही है। यह कोहिनूर दुनिया के सबसे बड़े व वजनी हीरे में शुमार है। इसकी वापसी की मांग को लेकर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से सवाल किया गया। बागची ने कहा कि सरकार इस मसले के संतोषजनक समाधान में लगातार जुटी हुई है। उन्होंने इस बारे में सरकार द्वारा कुछ सालों पहले संसद में दिये गये बयान का भी जिक्र किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि सरकार ने संसद में कहा था कि हम यह मामला ब्रिटिश सरकार के सामने समय समय पर उठाते रहे हैं। मामले के संतोषजनक हल के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
कैमिला को नहीं मिलेगा ताज :
महारानी एलिजाबेथ के पिछले माह निधन के बाद ब्रिटेन में प्रिंस चार्ल्स अब किंग चार्ल्स III बन गये हैं। ब्रिटेन के राजपरिवार के वे अब राजा बन गये हैं। अगले साल मई में उनका औपचारिक राज्याभिषेक होगा। पहले कहा जा रहा था कि किंग चार्ल्स की पत्नी क्वीन कंसोर्ट कैमिला को यह कोहिनूर जड़ा ताज पहनाया जायेगा, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यह ताज कैमिला को नहीं मिलेगा। कोहिनूर के स्वामित्व को लेकर विवाद और दूसरी पत्नी होने के नाते कैमिला की राजपरिवार में हैसियत के चलते वह इससे वंचित रहेंगी। बता किंग चार्ल्स तृतीय की पहली पत्नी डायना का एक सड़क हादसे में दशकों पूर्व निधन हो गया था।