बिजनेस
इलेक्ट्रिक कार के बाजार में धमाकेदार एंट्री की तैयारी में जुटी मारुति सुजुकी
ABN Bureau
•
02 Sep, 2022
•
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एबीएन बिजनेस डेस्क। इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी कार लेने का मन बना रहे हैं, तो थोड़ा सब्र कर लीजिये। हो सकता है इस इंतजार का फल ज्यादा मीठा हो। क्योंकि तब आपको गिने चुने नहीं बल्कि कई ऑप्शन मिलने वाले हैं। ईवी कार लॉन्च करने की कतार में अब एक और दिग्गज कंपनी शामिल हो गई है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने ईवी कार लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। 2024-25 में लॉन्च होगी कार
न केवल ऐलान बल्कि लॉन्चिंग का समय भी बता दिया है। जी हां, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में कार लॉन्च करने की उम्मीद जताई है। जनरल मीटिंग में शेयरहोल्डर्स के सवालों पर ये जानकारी कंपनी के प्रेसीडेंट आरसी भार्गव ने दी। इस दौरान बताया कि शुरुआती चरण के ईवी को अपर प्राइज बैंड में लॉन्च किया जायेगा। कंपनी अपने ग्रीन एनर्जी प्रोग्राम के अनुसार 2022-23 में 400,000 और 500,000 CNG कारों का निर्माण करेगी, जो 2021-22 में लगभग 250,000 CNG कारों से कहीं अधिक है।
ईवी का प्रोडक्शन गुजरात में सुजुकी प्लांट में होने जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है ग्राहक ईवी कार को काफी पसंद करेंगे। कार को डिजाइन काफी सावधानी से किया जायेगा। वहीं, बैटरी प्लांट लगने से ईवी में स्वदेशी अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के हंसलपुर में सुजुकी के ईवी बैटरी प्लांट की फाउंडेशन रखी थी।
फिलहाल कंपनी का हाइब्रिड कार पर फोकस : इधर, पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने अपनी ईवी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया था, क्योंकि वह अधिग्रहण की हाई कॉस्ट को लेकर चिंतित थी। साथ ही चार्जिंग स्टेशन की कमी भी रोड़ा बन रही थी। इस बीच कंपनी ने ऑल्टरनेटिव टेक्निक जैसे CNG और हाइब्रिड पर फोकस किया। बता दें कि टाटा मोटर्स, एमजी मोटर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई और किआ जैसी कंपनी पहले ही ईवी लॉन्च कर चुकी हैं।
कैसा रहा है कंपनी का प्रदर्शन :
मारुति सुजुकी का मार्केट शेयर 2018-19 में 51.21 प्रतिशत के पीक से 2021-22 में 43.38 प्रतिशत तक गिरा है। इसका नेट प्रॉफिट 2020-21 में 4,389 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 22 में 11.6 प्रतिशत घटकर 3,879 करोड़ रुपये हो गया। 2019-20 से, कंपनी की बिक्री में 16 फीसदी और industry-wide sales में 18 फीसदी की गिरावट आई है। यह गिरावट मूल्य में बढोतरी के कारण हुई जब कंपनी बीएस IV से बीएस VI में स्विच कर रही थी। इसके बाद, 2020-21 में कोविड-19 ने झटका दिया। पिछले कुछ वर्षों में, सेमीकंडक्टर की कमी और यूक्रेन-रूस वॉर ने उद्योग की परेशानी को और बढा दिया है। इससे कार की कीमतों में काफी इजाफा हो गया। हालांकि अब हालात पहले से बेहतर हैं। बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ा है। कंपनी के मुताबिक बाजार में हिस्सेदारी तब बढ़ेगी जब स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल यानी एसयूवी सेगमेंट में अधिक से अधिक वाहन मिलेंगे। हाल ही में एक नई ऑल्टो लॉन्च हुई है। इस साल काफी कुछ अपग्रेडेशन हुआ है।
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