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आखि क्या है ओपन आफर? जानें कैसे तय होती है इसकी कीमत...

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आखि क्या है ओपन आफर? जानें कैसे तय होती है इसकी कीमत...
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। अडानी समूह ने अप्रत्यक्ष रूप से एनडीटीवी में 29.18 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के बाद कंपनी के अतिरिक्?त 26 फीसदी शेयर पाने के लिए ओपन आॅफर जारी कर दिया है। अडानी समूह ने 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर एनडीटीवी को 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 493 करोड़ रुपये का आॅफर दिया है। मंगलवार को हुए इस घटनाक्रम ने ओपन आॅफर को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है, जिसका उपयोग कंपनियों द्वारा दूसरी फर्म का अधिग्रहण के लिए किया जाता है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार, ओपन आॅफर वह कंपनी ला सकती है जो किसी कंपनी के शेयरों का अधिग्रहण कर रही है। अधिग्रहण करने वाली कंपनी टार्गेट कंपनी के शेयरधारकों को जब एक निश्चित मूल्य पर शेयर बेचने को आमंत्रित करती है तो वह ओपन आॅफर कहलाता है। एक ओपन आॅफर का उद्देश्य कंपनी पर नियंत्रण में बदलाव होने या फिर फिर शेयरों का पर्याप्त अधिग्रहण होने पर कंपनी के शेयरधारकों को कंपनी से बाहर निकले का विकल्प देना होता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कंपनी के माइनॉरिटी शेयर होल्डर को पहले से तय कीमत पर अपने शेयर अपनी मर्जी से नए निवेशक को बेचने का एक साधन है। ओपन आॅफर कब लाया जाता है : लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, शेयरधारकों से स्टॉक खरीदने के लिए ओपन आॅफर तब लाया जाता है जब एक इकाई ने टार्गेट कंपनी के शेयरों, मतदान के अधिकार या नियंत्रण का अधिग्रहण कर लिया है या ऐसा करने की सहमति व्यक्त की है। सेबी ने इसके लिए कुछ मानक स्थापित किए हैं। ओपन आॅफर के लिए आॅफर लाने वाली कंपनी ने टार्गेट कंपनी के 25 फीसदी से ज्यादा शेयरों का अधिग्रहण कर लिया हो या फिर एक वित्त वर्ष में पांच फीसदी से ज्यादा शेयर या वोटिंग अधिकार हासिल कर लिया हो। ओपन आॅफर की कीमत कैसे तय की जाती है : सेबी का टेकओवर कोड में एक ओपन आॅफर में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अधिग्रहित किए जाने वाले शेयरों की कीमत निर्धारण के फामूर्ले का वर्णन किया गया है। ओपन आॅफर के मूल्य तय करने के चार मेट्रिक्स हैं- (क) मूल्य 52 सप्ताह में किसी शेयर के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस से अधिक होना चाहिए या (ख) ओपन आफर की घोषणा से पहले 26 सप्ताह में अधिग्रहणकर्ता द्वारा भुगतान की गई उच्चतम कीमत के बराबर इसका रेट होना चाहिए या (ग) ओपन आफर घोषणा से 60 दिन पहले शेयर की वॉल्यूम वेटेड एवरेज मार्केट प्राइस के बराबर रेट हो (घ) शेयर खरीद समझौते के तहत उच्चतम नेगोशिएटिड मूल्य हो।
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