Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
बिजनेस

रूस-यूक्रेन जंग का साइड इफेक्ट : दुनियाभर की अर्थव्यवस्था चरमरायी, यूक्रेन की जीडीपी 45% तक गिरेगी

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
रूस-यूक्रेन जंग का साइड इफेक्ट : दुनियाभर की अर्थव्यवस्था चरमरायी, यूक्रेन की जीडीपी 45% तक गिरेगी
विज्ञापन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से यूक्रेन की अर्थव्यवस्था में इस साल अनुमानित रूप से 45.1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। गिरावट का वॉल्यूम युद्ध की अवधि और तीव्रता पर निर्भर करेगा। यह बात वर्ल्ड बैंक के हाल ही में जारी लेटेस्ट आर्थिक अपडेट में कही गई है। वर्ल्ड बैंक का कहना है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध और रूस पर प्रतिबंध दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहे हैं। यूरोप और मध्य एशिया क्षेत्र में उभरते बाजार और विकासशील देशों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि रूस के हमले ने यूक्रेन में व्यवसायों को बंद होने, निर्यात को घटाने और उत्पादक क्षमता को नष्ट करने के लिए मजबूर किया है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से प्रभावित, रूस की अर्थव्यवस्था पहले ही एक गहरी मंदी की चपेट में आ गई है। 2022 में इसके उत्पादन में 11.2 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है। 30.7% गिर सकती है पूर्वी यूरोप क्षेत्र की जीडीपी : वर्ल्ड बैंक के पूर्वी यूरोप क्षेत्र, जिसमें यूक्रेन, बेलारूस और मोल्दोवा शामिल हैं, इस साल युद्ध के झटके और व्यापार में व्यवधान के कारण जीडीपी में 30.7 प्रतिशत की गिरावट देख सकते हैं। यूरोप और मध्य एशिया क्षेत्र की अर्थव्यवस्था इस साल 4.1 प्रतिशत गिरने का अनुमान है। युद्ध के पूर्व इसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान था। युद्ध से उत्पन्न मानवीय संकट भयावह : यूरोप और मध्य एशिया क्षेत्र के लिए वर्ल्ड बैंक वाइस प्रेसिडेंट अन्ना बजरडे ने कहा, युद्ध से उत्पन्न मानवीय संकट की भयावहता चौंका देने वाली है। रूसी हमला यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा झटका दे रहा है और इसने इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन को तुरंत बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता की आवश्यकता है क्योंकि यह अपनी अर्थव्यवस्था को जारी रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार यूक्रेनी नागरिकों का समर्थन करने के लिए संघर्षरत है जो पीड़ित हैं और एक बेहद मुश्किल स्थिति का सामना कर रहे हैं। यूरोप और मध्य एशिया के लिए वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने कहा, यूक्रेन युद्ध और महामारी ने एक बार फिर दिखाया है कि संकट व्यापक आर्थिक क्षति का कारण बन सकते हैं और प्रति व्यक्ति आय और विकास लाभ के वर्षों को पीछे छोड़ सकते हैं। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सामने भी कड़ी चुनौती : वर्ल्ड बैंक की ओर से कहा गया कि युद्ध ने एक तेज वैश्विक मंदी, बढ़ती मुद्रास्फीति व कर्ज, और गरीबी के स्तर में वृद्धि की बढ़ती चिंताओं में और इजाफा कर दिया है। युद्ध, यूरोप और मध्य एशिया की उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सामने भी कड़ी चुनौती पैदा कर रहा है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो पहले से ही इस साल महामारी के प्रभावों से आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रहा था। रूस और यूक्रेन के अलावा, बेलारूस, मोल्दोवा और ताजिकिस्तान के भी इस साल मंदी की चपेट में आने का अनुमान है। युद्ध की वजह से और यूरो क्षेत्र, कमोडिटी, ट्रेड में उम्मीद से कम ग्रोथ और फाइनेंसिंग झटकों के कारण सभी अर्थव्यवस्थाओं में विकास अनुमानों को घटाया गया है।
विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 34,773