इस कंपनी ने बनाया कीमतों में 4-5% बढ़ोतरी का प्लान
एबीएन बिजनेस डेस्क। कच्चे तेल की कीमतों और कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर अब गाड़ियों के मेंटेनेंस पर भी पड़ने लगा है। देश की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में टायरों की कीमतों में 4-5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और कंटेनर ढुलाई महंगी होने के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है।
तीन तिमाहियों में लगातार बढ़ेंगे टायर के दाम
जेके टायर के प्रबंध निदेशक (एमडी) अंशुमान सिंघानिया ने कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद बताया कि तीसरी तिमाही में टायरों की कीमतों में 4-5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की योजना है। इससे पहले पहली तिमाही में कंपनी ने कीमतें 5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत बढ़ायी थीं।
कंपनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कच्चे माल की लागत लगातार ऊंची बनी हुई है, जबकि सप्लाई चेन में बाधाओं और कंटेनर फ्रेट की बढ़ी हुई दरों से भी कंपनी पर लागत का दबाव पड़ रहा है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में खङ टायर का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 71.5 प्रतिशत घटकर 65.11 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 13.3 प्रतिशत से गिरकर 7.1 प्रतिशत पर आ गया।
अंशुमान सिंघानिया के अनुसार, दूसरी तिमाही में कच्चे माल की लागत पहली तिमाही के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत बढ़ गयी। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कच्चे माल की कुल लागत में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी को तीसरी तिमाही में भी कच्चे माल की पूरी बास्केट की लागत में 4-5 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान है।
बड़े रिम वाले टायरों की बढ़ रही मांग
लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी को बड़े रिम वाले टायरों की मांग में सुधार की उम्मीद है। सिंघानिया के मुताबिक, नयी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले ओरिजिनल इक्विपमेंट (डए) टायरों और पुराने टायरों को बदलने के लिए खरीदे जाने वाले रिप्लेसमेंट टायरों, दोनों ही श्रेणियों में मांग बढ़ रही है।
टायरों की प्रस्तावित कीमत वृद्धि का असर वाहन मालिकों के खर्च पर पड़ सकता है। खासकर जिन लोगों को आने वाले महीनों में अपनी गाड़ियों के टायर बदलवाने हैं, उन्हें पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।