एबीएन बिजनेस डेस्क। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया। दिनभर लाल निशान पर कारोबार करते सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 719.08 अंक लुढ़क कर 73,524.26 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में भी 243.70 अंकों की गिरावट आयी, ये 23,123 के लेवल पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गये।
इस बड़ी गिरावट के पीछे कारण...
अमेरिका-ईरान में बढ़ता सैन्य तनाव
शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। ईरान द्वारा इजरायल पर दागी गयी मिसाइलों और बदले में इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। इस युद्ध जैसी स्थिति से वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है, जिस कारण निवेशक भारत से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
युद्ध की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.29% उछलकर 96.15 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, महंगे तेल का सीधा मतलब है, भारत का बढ़ता चालू खाता घाटा, सरकारी कंपनियों पर सब्सिडी का बोझ और देश में महंगाई का बढ़ना है।
विदेशी बाजारों में भी भारी गिरावट
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
दक्षिण कोरिया का बाजार 9 फीसदी से अधिक लुढ़क गया जिसके बाद 20 मिनट तक ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। जापान के निक्केई में 5 फीसदी और हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग में और चीन के शंघाई कंपोजिट में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आयी।