- हर झटके को झेलने में सक्षम है हमारा शेयर बाजार : तुहिन कांत पांडेय
- भारतीय शेयर बाजार विभिन्न झटकों को झेलने में सक्षम : सेबी चेयरमैन
एबीएन बिजनेस डेस्क। बाजार नियामक सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, लेकिन भारतीय शेयर बाजार विभिन्न तरह के झटके झेल पाने में सक्षम हैं। श्री पांडेय ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में पैदा होने वाले संकट का असर अन्य अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष से तेल आपूर्ति शृंखला और कीमतें प्रभावित हुई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का जोखिम बढ़ा है। उन्होंने कहा, इस स्थिति का असर सभी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है और आगे चलकर इसके प्रभाव का प्रसार और परवर्ती प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।
हालांकि, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख ने भारतीय बाजार की मजबूती पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस तरह के झटकों को समाहित कर लेता है और स्थिति सामान्य होने पर फिर से अपनी स्वाभाविक गति पकड़ लेता है। पांडेय ने यह भी स्वीकार किया कि सितंबर, 2024 के बाद से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में कुछ निकासी देखी गयी है, लेकिन घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर बाजार आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए उतार-चढ़ाव की स्थिति होना स्वाभाविक है। पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल एवं गैस की आपूर्ति काफी हद तक बाधित हो गयी है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आपूर्ति पक्ष पर प्रतिकूल हालात पैदा होने की आशंका जतायी जा रही है।