Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
बिजनेस

अब लंबाई के हिसाब से बढ़ेंगे सिगरेट के दाम

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
अब लंबाई के हिसाब से बढ़ेंगे सिगरेट के दाम
विज्ञापन

सिगरेट पीने वालों को झटका! अब लंबाई के हिसाब से बढ़ेंगे दाम, जानें आपकी वाली कितनी महंगी? 

एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप धूम्रपान के शौकीन हैं तो आने वाला महीना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों विशेषकर सिगरेट पर लगने वाले टैक्स ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किया है। 

1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमतें ब्रांड के साथ-साथ उसकी लंबाई के आधार पर तय होंगी। साल 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद तंबाकू टैक्स के क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 

लंबाई बढ़ी तो बढ़ेगा दाम: नया टैक्स गणित 

  • सरकार ने स्पेसिफिक सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को फिर से प्रभावी तरीके से लागू करने का फैसला किया है। अब प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक के आधार पर टैक्स वसूला जायेगा। 
  • 65 मिमी से छोटी (बिना फिल्टर): 2.05 प्रति सिगरेट की एक्साइज ड्यूटी। 
  • 65 मिमी से छोटी (फिल्टर वाली): 2.10 प्रति सिगरेट। 
  • 65 से 70 मिमी (मिड-रेंज): 3.60 से 4.00 प्रति सिगरेट। 
  • 70 से 75 मिमी: 5.40 प्रति सिगरेट। 
  • 75 मिमी से ज्यादा (प्रीमियम): 8.50 या उससे अधिक का टैक्स बोझ। 

2017 के बाद सबसे बड़ी सख्ती 

  • जीएसटी लागू होने के समय सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी को लगभग खत्म कर दिया गया था लेकिन अब इसे बेहद सख्त रूप में वापस लाया गया है। 
    जीएसटी के ऊपर अतिरिक्त बोझ: यह नई ड्यूटी मौजूदा 18% से 40% जीएसटी के ऊपर से लगेगी। 
  • कुल टैक्स: हालांकि सरकार ने कंपेंसेशन सेस हटाया है लेकिन नई एक्साइज ड्यूटी जुड़ने के बाद सिगरेट की कुल कीमत का लगभग 53% हिस्सा केवल टैक्स होगा। 
  • सरकार के इस कड़े फैसले के पीछे क्या है वजह? 

वित्त मंत्रालय के इस कदम के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हैं: 

  1. सार्वजनिक स्वास्थ्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन  का मानना है कि तंबाकू उत्पादों को महंगा करना उन्हें छोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार चाहती है कि बढ़ती कीमतों के कारण लोग धूम्रपान कम करें। 
  2. वैश्विक मानक: विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश है कि तंबाकू की कीमत का 75% हिस्सा टैक्स होना चाहिए। भारत अब धीरे-धीरे इसी लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। 
  3. राजस्व में वृद्धि: इस नये टैक्स ढांचे से सरकारी खजाने में बड़ी राशि जमा होगी जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 46,838