एबीएन डेस्क। देश में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रॉन के मामले बढ़ने के बीच रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली कंपनियों की मांग में जोरदार उछाल आया है। पिछले दो सप्ताह के दौरान एफएमसीजी कंपनियों की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। इन कंपनियों ने आपूर्ति के किसी तरह के संकट से बचने के लिए स्टॉकिस्टों को अधिक माल भेजना शुरू कर दिया है।
पारले प्रोडक्ट्स, डाबर इंडिया और आईटीसी जैसी कंपनियां महामारी की नई लहर के कारण आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी व्यवधान से बचने के लिए कच्चे माल का अतिरिक्त स्टॉक रख रही हैं। पूर्व में हुए अनुभव के मद्देनजर इन कंपनियों ने यह कदम उठाया है। हालांकि, ये कंपनियां विनिर्माण सामग्री की मुद्रास्फीति से प्रभावित हैं। एफएमसीजी कंपनियों का मानना है कि कोविड के मामलों में अचानक वृद्धि और कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर लगाए अंकुशों से उनकी आउट ऑफ होम चैनल उत्पादों की मांग प्रभावित हो सकती है। हालांकि, घरेलू उपभोग के उत्पादों और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले सामान की मांग तेज होगी। कंपनियों को उम्मीद है कि डिजिटलीकरण में तेजी के साथ ई-कॉमर्स और प्रौद्योगिकी मंच पर मौजूदगी एफएमसीजी उत्पादों की सतत आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पारले प्रोडक्ट्स के वरिष्ठ श्रेणी प्रमुख मयंक शाह ने कहा, ‘‘पिछले दो हफ्तों में हमने बाजार में मांग में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी है। हम इस बात को समझ रहे हैं कि अब उपभोक्ता बाहर निकलकर सामान नहीं खरीदना चाहेंगे।’’ बिस्कुट क्षेत्र की कंपनी ने ताजा परिस्थितियों के मद्देनजर पहले से बफर स्टॉक रखा है। डाबर ने भी बढ़ाई अपने उत्पादों की आपूर्ति, बाजार की निगरानी कर रही है आईटीसी