ये हैं 6 कारण जिनकी वजह से धड़ाम हुआ स्टॉक मार्केट
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार, 14 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 297.07 अंक गिरकर 82,029.98 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 81.85 अंक लुढ़का, ये 25,145.50 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 492.77 अंक या 0.60% गिरकर 81,834.28 पर रहा, जबकि निफ्टी 145.25 अंक या 0.58% गिरकर 25,082.10 पर था। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 0.9% तक टूटे और सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
गिरावट के मुख्य कारण...
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली : विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार चार दिनों की खरीदारी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों से 240.10 करोड़ रुपये निकाले। लगातार बिकवाली से घरेलू निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।
- एक्सपायरी से जुड़ी वोलैटिलिटी : मंगलवार को निफ्टी से जुड़े फ्यूचर्स और आॅप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी। एक्सपायरी के दिन निवेशक डेरिवेटिव सेगमेंट में पोजिशन स्क्वायर-आफ करते हैं, जिससे इंट्राडे उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है।
- इंडिया VIX में बढ़ोतरी : शेयर बाजार में अनिश्चितता का संकेत देने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स मंगलवार को 3% बढ़कर 11 के स्तर पर पहुंच गया। श्क में बढ़ोतरी का मतलब है कि बाजार में जोखिम और उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ गया है।
- कमजोर ग्लोबल संकेत : एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल रहा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 1% तक टूट गये। जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 3% तक गिरा। अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स भी सुबह के कारोबार में 0.5% तक नीचे थे।
- रुपये में कमजोरी : भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे गिरकर 88.77 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की निकासी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया।
- क्रूड आयल के दाम में उछाल : अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार को 0.33% बढ़कर 63.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बढ़ती क्रूड कीमतें महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका पैदा करती हैं, जो शेयर बाजार के लिए नेगेटिव है।