- इजराइल-ईरान टकराव से शेयर बाजार में हड़कंप, इन कंपनियों पर सबसे ज्यादा खतरा
एबीएन बिजनेस डेस्क। इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की आंच भारतीय शेयर बाजार तक भी पहुंच गई है। शुक्रवार को बाजार में हलचल मची रही, निफ्टी 24,500 के नीचे खुला, लेकिन दिन के अंत में थोड़ी रिकवरी के साथ 24,700 के ऊपर बंद हुआ।
इस उथल-पुथल में उन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा डगमगाए, जिनका इजरायल से सीधा कनेक्शन है। अगर ये तनाव और बढ़ा, तो बाजार में और बड़ा भूचाल आ सकता है। आइए, आपको बताते हैं कि कौन-कौन सी कंपनियां इस जंग की चपेट में आ सकती हैं।
प्रभावित होने वाली प्रमुख कंपनियां
- अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) : अडानी पोर्ट्स ने जनवरी 2024 में इजराइल के हाइफा पोर्ट में 1.03 अरब डॉलर का निवेश किया था। हालांकि, कंपनी का कहना है कि हाइफा पोर्ट का कुल कारोबार में योगदान केवल 3% है । फिर भी, बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बनी हुई है।
- सन फार्मा (Sun Pharma) : सन फार्मा की इजराइल की कंपनी टारो फार्मास्युटिकल्स में बड़ी हिस्सेदारी है। संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और व्यापारिक माहौल में गिरावट के कारण कंपनी के शेयरों में दबाव देखा जा रहा है।
- आईटी कंपनियां TCS, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा : इन कंपनियों के इजराइल में बड़े कारोबारी हित हैं। संघर्ष के कारण वहां के व्यापारिक माहौल में गिरावट आई है, जिससे इन कंपनियों के प्रोजेक्ट्स और रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।
- तेल विपणन कंपनियां: IOC, BPCL, छपीसीएल : तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण इन कंपनियों के रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, भारतीय रिफाइनरियों में आपूर्ति श्रृंखला अभी तक प्रभावित नहीं हुई है।
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) : लार्सन एंड टुब्रो इजराइल में इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस प्रोजेक्ट्स में शामिल है। संघर्ष के कारण इन परियोजनाओं में देरी और वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है ।
- कल्याण ज्वैलर्स और टाइटन : मिडिल ईस्ट में आभूषणों का बड़ा बाजार है, और इन कंपनियों का वहां अच्छा-खासा कारोबार है। संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और व्यापारिक माहौल में गिरावट के कारण इन कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा जा रहा है ।
- नंदक : खनन कंपनी NMDC का भी इजराइल के साथ कारोबारी कनेक्शन है। संघर्ष के कारण इन कंपनियों के शेयरों में अस्थिरता देखी जा रही है ।