टाटा संस के एग्जूक्टिव चेयरमैन ने जमशेदपुर में पत्रकारों से की बात
कहा- सेमी कंडक्टर और एआई सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश करेगी टाटा
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। टाटा संस के एग्जूक्टिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज यहां कहा कि जमशेदपुर टाटा समूह के लिए बहुत पवित्र स्थान है। यहीं से उठ कर समूह ने अपनी वैश्विक पहचान बनायी है। जमशेदपुर और यहां के लोग हमारे परिवार का हिस्सा हैं। जमशेदपुर के लिए टाटा समूह का बड़ा प्लान है। यद्यपि उन्होंने इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी। चेयरमैन ने आगे कहा कि टाटा समूह आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सेमी कंडक्टर सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। समूह इस दिशा में कदम उठा रहा है।
चंद्रशेखरन टाटा स्टील वर्क्स में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील का भविष्य उज्ज्वल है। देश में स्टील की खपत बढ़ती रहेगी। यद्यपि चीन समेत अन्य भू-राजनीतिक चुनौतियों से समूह को दो-चार होना पड़ रहा है। डंपिंग भी यह एक समस्या है। यह सब जारी रहेगी, इसलिए हमें सक्षम बनना होगा। इस पर कारपोरेट एवं सरकार दोनों स्तर से मिल कर काम करना होगा।
सरकार से नीति एवं ड्यूटी आदि के मामले में हमें सरकार की मदद चाहिए। टेक्नोलोजी एडपसन में इम्पलाई और यूनियन को मदद करनी होगी। क्षमता, लागत प्रबंधन, सक्षम परिचालन की दिशा में काम करना है। परिचालन में एआई का हमें प्रयोग करना होगा। इलेक्ट्रिक फर्नेस, हाइड्रोजन के उपयोग से हमें उत्पादन पर ध्यान देना होगा। अपने कर्मचारियों और सरकार के साथ मिल कर इन चुनौतियों से अवश्य पार होंगे।
हमारे पूर्व चेयरमैन का इंतकाल चार माह पूर्व ही हुआ है। रतन टाटा के बिना यह पहला संस्थापक दिवस है। हम समाज और बिजनेस की तरक्की की कामना करते हैं। टाटा स्टील ट्रांसफॉरमेशन को लेकर संकल्पित है। हम बहुत कुछ कर रहे हैं। जहां तक टैरिफ की बात है तो यह चलते रहेगा।
टाटा स्टील इंडिया पर कोई खास असर नहीं होगा क्योंकि हम अमेरिका को सीमित निर्यात करते हैं। किन्तु हमें याद रखना है कि हम अपने घरेलू बाजार में भी प्राइस तय नहीं कर सकते, बाजार तय कर रहा है। इसलिए कॉस्ट इफेक्वि बनना होगा।
एक अन्य सवाल पर कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ सांइस में मेडिकल कॉलेज ला रहे हैं जहां भारतीय बीमारियों पर रिसर्च होगा। इसके अलावा सेमी कंडक्टर चिप पर विशेष निवेश हो रहा है क्योंकि चिप्स हर उद्योग के लिए अब बेहद मायने रखता है। 6 जी के लिए देशी प्रौद्योगिकी हम विकसित कर रहे हैं।