वित्त मंत्री के बजट की योजनाओं से झारखंड के छात्रों से लेकर महिलाओं को होगा फायदा
टीम एबीएन, रांची। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2025 का बजट पेश किया। इसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गयी हैं, लेकिन झारखंड के लिए केंद्र सरकार ने किसी खास योजना की घोषणा नहीं की है। हालांकि, बजट में कई ऐसी योजनाएं हैं जिनसे राज्य के लोगों को फायदा होगा।
दरअसल, निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में महिला, एससी-एसटी उद्यमियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की हैं। इन सभी योजनाओं का लाभ झारखंड के लोगों को भी मिलेगा। पहली योजना है- सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और पोषण 2.0 योजना- सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और पोषण 2.0 योजना का लाभ झारखंड को मिलेगा। झारखंड में 38 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं।
झारखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में कुपोषण की समस्या भी गंभीर है। राज्य में 3.90 लाख बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं। उनका वजन कम है। केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ इन बच्चों को मिलेगा और झारखंड को कुपोषण से मुक्ति दिलाने में मददगार साबित होगा। बजट से पहले पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड से शिशु शक्ति खाद्य पैकेट के वितरण की शुरूआत की गयी थी।
महिला, एससी-एसटी उद्यमियों के लिए फंड
केंद्र सरकार 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए 10 हजार करोड़ का अतिरिक्त फंड देगी। उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए वित्त मंत्री ने इसकी घोषणा की है। झारखंड में बड़ी संख्या में आदिवासी और अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। झारखंड में महिला उद्यमियों की भी अच्छी-खासी संख्या है। इन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार अगले 5 साल में 5 लाख लोगों को 2 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन उपलब्ध करवायेगी। इसका उद्देश्य उद्यमशीलता और उद्यमियों का मैनेजमेंट स्किल बढ़ाना है।
किसान क्रेडिट कार्ड
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड पर कृषि लोन की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख करने की घोषणा की है। झारखंड के 21.50 लाख से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से इतने ही किसान जुड़े हुए हैं।
35773 सरकारी स्कूल ब्रॉडबैंड से जुड़ेंगे
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025 में देश के सभी सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने की घोषणा की है। इस योजना का लाभ झारखंड के कम से कम 35,773 सरकारी स्कूलों को मिलेगा। ये स्कूल ब्रॉडबैंड से जुड़ जाएंगे। भारत नेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी दी जायेगी।