अजयदीप बाधवा
एबीएन बिजनेस डेस्क। इस बजट सब कुछ ज्यादा है, ज्यादा पूंजीगत व्यय, ज्यादा कर छूट और ज्यादा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर पर। प्रधानमंत्री आवास योजना में 66% से बढ़ावा दिया गया है। इसे 79000 करोड़ कर दिया गया है। यानी सरकार अब सबको आवास देने की योजना पर तेजी लाना चाहती है। राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन पर 19700 करोड़ का बजट है मतलब सरकार पेट्रोल डीजल पर निर्भरता कम करना चाहती है। इस से वातावरण भी साफ होगा। देश आत्म निर्भर होगा क्योंकि देश का विदेश मुद्रा भंडार पेट्रोल डीजल लेने में खर्च हो जाता है। सरकार भारत को हाइड्रोजन गैस का हब बनाना चाहती है जिसको निर्यात कर पैसा भी कमाया जा सके।
नये कर प्रणाली को मुख्य प्रणाली बना दिया गया है मतलब जो इसे अपनाएगा उसे 7 लाख रुपए की आय पर कर नहीं देना होगा। नई प्रणाली में कर के दर को भी बेहतर किया गया है जिसका सीधा उद्देश्य आम आदमी को मदद करना है पर इस बजट में सरकार महगाई पर चुप है। सरकार फिस्कल डेफसीट को जीडीपी का 5.9 % करना चाहती है जो संभव नहीं लग रहा। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश की सीमा को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख करने का प्रस्ताव एक अच्छा प्रस्ताव है इससे आम लोगों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश की सीमा को दोगुना कर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए अधिकतम जमा की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मासिक आय खाता योजना के तहत भी अधिकतम जमा की सीमा दोगुना कर नौ लाख रुपये किये जाने की घोषणा की। फिलहाल इस योजना के तहत अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं के लिए एक नई लघु बचत योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।
उन्होंने महिला सम्मान बचत पत्र लाने का ऐलान करते हुए कहा कि इस नई बचत योजना को दो साल के लिए लाया जा रहा है जिसमें किसी महिला या लड़की के नाम पर दो लाख रुपये तक का एक बार में निवेश किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 7.5 प्रतिशत की निश्चित दर से ब्याज मिलेगा। हालांकि, आंशिक निकासी का विकल्प भी मिलेगा।
सीतारमण ने कहा कि निवेशकों के लिए बिना दावा वाले शेयरों एवं भुगतान न किए गए लाभांश पर दोबारा दावा करने के लिए एक एकीकृत आयकर पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल ह्यनिवेशक शिक्षण एवं संरक्षण कोष प्राधिकरणह्ण से निवेशक आसानी से दावा कर सकेंगे। विदेश में बनकर आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सीमा शुल्क को 60 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया गया है। बजट में विदेश से आधी-अधूरी बनी हुई स्थिति में आयात किए जाने वाले वाहनों पर भी शुल्क को 30 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। (लेखक सीएमए कर सलाहकार और मोटिवेटर हैं।)