एबीएन बिजनेस डेस्क। आरबीआई ने अपने मंथली बुलेटिन में गुरुवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी यानी सितंबर तिमाही में 6.1 से लेकर 6.3 फीसदी की दर से बढ़ सकती है।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट 7 फीसदी के करीब रह सकती है बशर्ते दूसरी तिमाही में ग्रोथ रेट 6.1 से लेकर 6.3 फीसदी के दायरे में रहे। सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकडे इस महीने के आखिर में जारी किये जायेंगे।
आरबीआई के ताजा बुलेटिन में प्रकाशित लेख में यह भी कहा गया कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में गिरावट का जोखिम बना हुआ है, वैश्विक वित्तीय स्थितियां सख्त होती जा रही हैं और बाजार की नकदी में कमी वित्तीय कीमतों में उतार-चढ़ाव को बढ़ा रही है।
कहा गया कि सकल मुद्रास्फीति (हेडलाइन इंफ्लेशन) में कमी के संकेत दिखने के साथ ही घरेलू व्यापक आर्थिक परिदृश्य में मजबूती है, लेकिन यह वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील भी है।
शहरी मांग मजबूत दिखाई दे रही है, जबकि ग्रामीण मांग कमजोर है, लेकिन हाल ही में इसमें तेजी आई है। लेख को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा के नेतृत्व में एक टीम ने तैयार किया है। आरबीआई ने कहा कि यह लेखकों की राय पर आधारित है तथा केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।