Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
बिजनेस

झटके पे झटका : फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा आरबीआई

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
झटके पे झटका : फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा आरबीआई
विज्ञापन
एबीएन बिजमी डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने एक लेख में कहा है कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये जारी अभियान लंबा चलेगा। मौद्रिक नीतिगत कदमों का असर आने में लगने वाले समयांतराल को इसका कारण बताया गया है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा की अगुवाई वाली एक टीम ने अर्थव्यवस्था की हालत के बारे में लिखे एक लेख में यह संभावना जताई है। इस लेख के मुताबिक, अगर हम सफल होते हैं तो हम नकारात्मक मुद्रास्फीति से जूझ रही बाकी दुनिया के मुकाबले सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर भारत की संभावनाएं मजबूत करेंगे। लेख के मुताबिक, मुद्रास्फीति के खिलाफ जारी जंग का सुखद नतीजा विदेशी निवेशकों में नया जोश भरेगा, बाजारों को स्थिरता देगा और टिकाऊ आधार पर वित्तीय स्थायित्व प्रदान करेगा। खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 7.41 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह लगातार नौवां महीना रहा जब मुद्रास्फीति आरबीआई के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बना हुआ है। ऊंची मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने इस साल अब तक चार बार नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि की है। अब रेपो दर बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो चुकी है। आरबीआई के अक्टूबर बुलेटिन में प्रकाशित यह लेख कहता है, सकल मुद्रास्फीति के लगातार तीन तिमाहियों से सुविधाजनक दायरे से ऊपर बने होने से निर्दिष्ट उत्तरदायित्व प्रक्रियाओं का पालन करना होगा, वहीं मौद्रिक नीति मुद्रास्फीति का लक्ष्य के साथ तालमेल बिठाने पर केंद्रित बनी रहेगी। दरअसल मुद्रास्फीति के लगातार छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बने रहने के बाद आरबीआई को इसके बारे में उठाए गए कदमों को लेकर सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। आरबीआई के इस बुलेटिन में पर्यावरण मंत्रालय के तहत हरित जीडीपी के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाने का भी सुझाव दिया गया है। यह प्रकोष्ठ पर्यावरणीय ह्रास, प्राकृतिक संसाधनों में कमी और संसाधनों की बचत से जुड़ी गणनाएं कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उनका समायोजन करेगा।
विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 42,438